
क्रिकेट में ऑलराउंडर 13 वर्षीय डिंपल खतरनाक बल्लेबाजों के भी उड़ा देती है स्टंप, अब इंडिया के लिए है बड़ा लक्ष्य
जोगेंद्र सिंह गौड़, सीकर.
श्रीमाधोपुर के गांव धीरजपुरा की 13 वर्षीय लाडो डिंपल कंवर ( Champion Dimple Kanwar ) प्रदेश की पहली महिला खिलाड़ी है जिसने तीन प्रकार के खेल क्रिकेट, कराटे और बेडमिंटन में अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। सबसे कम उम्र की यह लाडो बैडमिंटन में स्टेट तो कराटे में नेशनल खेलकर पदक पा चुकी है। वहीं हाल ही में इसका चयन राज्य की दो महिला क्रिकेट टीम में किया गया है। जिसमें अंडर-16 अंडर-19 की टीम शामिल है। दोनों टीमों में बतौर तेज गेंदबाज के रूप में चयन होने के बाद अब यह लाडो क्रिकेट पिच पर स्टंप उखाड़ती नजर आएगी।
इंडिया टीम का टारगेट
वर्तमान में शहर की वीर तेजा कॉलोनी में रहने वाली कक्षा आठवीं की छात्रा डिंपल का कहना है कि उसका अगला लक्ष्य क्रिकेट की इंडियन टीम में शामिल होना है। जिसके लिए प्रतिदिन वह छह घंटे का कड़ा अभ्यास करती है। कोटा व बीकानेर में बैडमिंटन की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद उसने दिल्ली में कराटे की नेशनल चैंपियनशिप में मेडल पर कब्जा जमाया। अब उसने करियर के तौर पर क्रिकेट को चुन रखा है। जिसकी बदौलत वह राज्य की दो टीमों की खिलाड़ी है और राजस्थान रॉयल्स स्पार्क की महिला सदस्य भी चुनी गई है।
डिंपल के कोच संदीप सैनी के अनुसार उनकी सुरभि क्रिकेट एकेडमी में कई लड़किया क्रिकेट का अभ्यास करती है। इनमें डिंपल क्रिकेट में ऑल राउंडर है। लेकिन, पहचान इसकी तेज गेंदबाज के तौर पर उभरी है। क्रिकेट के प्रति इसका लगाव व मेहनत के बलबूते एक दिन यह देश का नाम भी रोशन करेगी। इधर, डिंपल के पिता राजेंद्र का कहना है कि लोग बेटियों को कम नहीं आंके और इनको आगे बढ़ाने में विश्वास रखें।
धोनी ने कराया टॉस
अभी हाल में आइपीएल के दौरान चेन्नई सुपरकिग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच जयपुर में खेले गए मैच में क्रिकेटर एमएस धोनी ने महिला खिलाड़ी डिंपल के हाथों टॉस कराया था। जो कि, चेन्नई सुपरकिग्स की तरफ से यहां खेलने पहुंचे थे।
ताने बने सबक
लाडो ने पत्रिका को बताया कि खेलने के दौरान जब वह घर से बाहर कदम रखती थी तो लडक़ी होने के डर से लोग उसकी मां दया कंवर को ताने मारते थे। पापा राजेंद्र सिंह शेखावत से उसकी शिकायत किया करते थे। लेकिन, इन तानों को उसने कमजोरी बनाने के बजाय ढाल बनाया और सबक लेकर कुछ करने की जिद जारी रखी। आज ताने मारने वाले वहीं लोग तथा परिवार के सदस्य मेडल जीतने पर उसको अपने कंधों पर उठा लेते हैं।
Updated on:
28 May 2019 06:45 pm
Published on:
28 May 2019 03:11 pm
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