प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए ईकेवाईसी नहीं कराने वाले किसानों का योजना के तहत मिलने वाली पन्द्रहवीं किश्त का भुगतान अटक सकता है। इकेवाईसी करवाने के लिए अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाए जाने के बावजूद किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
पूरण सिंह शेखावत/सीकर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए ईकेवाईसी नहीं कराने वाले किसानों का योजना के तहत मिलने वाली पन्द्रहवीं किश्त का भुगतान अटक सकता है। इकेवाईसी करवाने के लिए अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाए जाने के बावजूद किसान रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
प्रदेश में ऐसे किसानों की संख्या 12,74, 972 और सीकर जिले में 39238 है। अधिकारियों की माने तो ऐसे किसान वे हैं जो योजना के तहत पात्रता की शर्तें पूरी नहीं कर रहे हैं और ऐसे में विभाग ने इन किसानों की सूची बैंक और तहसील स्तर पर भिजवाई है लेकिन वहां से जवाब नहीं आ रहा है।
पात्रता के दायरे में नहीं आने से व सम्मान निधि की राशि की वसूली से बचने के लिए ये किसान जानबूझकर इकेवाईसी करवाने से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में विभाग की मंशा अब इन अपात्रों किसानों के नाम योजना से हटाने की है।
अपात्रों ने करवाया पंजीयन
योजना की शुरूआत में कई किसानों ने अपात्र होने के बावजूद पंजीयन तो करवा कर कई किस्त का भुगतान भी ले लिया। सरकार ने सम्मान राशि की पात्रता के लिए आधार और भूमि के दस्तावेजों की सिडिंग अनिवार्य कर दी गई। ऐसे लोगों से वसूली के आदेश जारी कर दिए गए। जब पात्रता के लिए सत्यापन किया तो कई लोग अपात्र निकले। कई अपात्रों ने सम्मान निधि की राशि वापस जमा भी करवा दी। किसान सम्मान निधि योजना के तहत चार-चार माह के अंतराल पर दो-दो हजार रुपए सम्मान राशि दी जाती है।
फैक्ट फाइल
जिला--- केवाईसी से वंचित किसान
दौसा-12555
जालौर-21688
गंगानगर-16539
कोटा-18001
टोंक- 29778
बांसवाडा़-27007
भरतपुर-38488
धौलपुर-22043
अलवर-45410
राजसमंद-18821
सीकर-39238
अजमेर-41175
बूंदी-27703
हनुमानगढ़-37610
झुंझुनूं-37166
बारां-36070
चित्तौडगढ़-39076
बीकानेर-30330
डूंगरपुर-30689
झालावाड़-44051
करौली-25119
पाली-42290
चूरू-47249
जैसलमेर-11606
सिरोही-14865
नागौर-73648
उदयपुर-48239
सवाईमाधोपुर-30998
बाडमेर-81925
प्रतापगढ़-20525
जयपुर-86537
जोधपुर-79250
भीलवाड़ा-99283
इनका कहना है
किसान सम्मान निधि योजना में इकेवाईसी करवाना जरूरी है। जिले में अब 39238 किसानों ने इकेवाईसी नहीं कराई है। इन लोगों की सूची बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी। वहां के स्तर पर नाम हटाने की काईवाई की जाएगी।
महेन्द्रपाल सिंह, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, सीकर