
सीकर . 12 साल की मासूम के साथ बलात्कार के जुर्म में पोक्सो कोर्ट-2 ने उसके जीजा व धर्म के मामा को 20 साल के कठोर कारावास व 2 लाख 15 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायाधीश अशोक चौधरी ने मामले में तत्कालीन एसपी का रवैया भी नकारात्मक मानते हुए पुलिस महानिदेशक व गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को उन पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट के अनुसार 29 मई 2018 की रात उसकी नाबालिग बेटी को उसकी मां का धर्म भाई जीतू बहला-फुसला कर ले गया था। जब जीतू के नंबर पर बात की तो बेटी ने उन्हें गोवा लेकर आने की बात कही। जिसके बाद मामले की पुलिस में रिपोर्ट दी गई।
पुलिस का नकारात्मक रवैये पर कोर्ट सख्त
न्यायाधीश ने फैसले में पुलिस के नकारात्मक रवैये पर भी सख्ती दिखाई है। उन्होंने लिखा कि पीड़िता को दस्तयाब करने के बाद जांच अधिकारी व थानाधिकारी की पीड़िता की काउंसलिंग व उसके परिजनों को सहयोग करना चाहिए था। पर ऐसा नहीं हुआ।
थाना स्तर पर बलात्कार पीड़िताओं की काउंसलिंग के उचित साधन ही प्रतीत नहीं होते। जो विभागीय प्रभारी होते हुए एसपी के अपराधों के प्रति नकारात्मक नजरिये को दर्शाता है। इससे न्याय व्यवस्था चरमराने के साथ पीड़ितों का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है। अपराधियों का हौसला भी बढ़ रहा है। लिखा कि आरोप पत्र पेश करते समय अनुमति की फौरी औपचारिकता पुलिस अधीक्षक जैसे जिम्मेदार अधिकारी की बानगी बन गया है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक का दृष्टिकोण नकारात्मक प्रवृत्ति का होना दृष्टिगत होता है।
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Published on:
03 Jun 2023 12:29 pm
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