ग्रामीणों और परिजनों को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस थाने पर पहुंचकर प्रदर्शन किया।
लक्ष्मणगढ़. सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना इलाके के गांव रोरु की एक नाबालिग लड़की को बगड़ी गांव का एक युवक फरवरी में भगा ले गया था। इस मामले में लक्ष्मणगढ़ पुलिस ने आरोपी युवक के 70 वर्षीय रिश्तेदार बलदेव को मंगलवार सुबह पुलिस थाने ले आई।
ग्रामीणों और परिजनों को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस थाने पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने बुजुर्ग व परिवार की अन्य महिलाओं के साथ जांच के नाम पर बदसलूकी की। ग्रामीणों का यह भी आरोपी है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पुलिस वृद्ध को अर्ध नग्न अवस्था में थाने ले आई, जबकि वृद्ध हार्ट व डायबिटीज का मरीज भी है।
इस मौके पर पूर्व प्रधान बद्री थालोड़, जवाहर थालोड़, सरपंच प्रतिनिधि सुरेश बगड़ी, धर्मेंद्र बगड़ी, कमला, सुनील स्वामी, रामकरण जांगिड़, रामचंद्र थालोड़, धन्नाराम, शिवप्रसाद ख्यालिया, मनीष थालोड़, शुभकरण स्वामी, रामचन्द्र थालोड़, हरीश शर्मा, सुरेश थालोड़, महादेव सिंह, जितेंद्र ढाका सहित अनेक ग्रामीण व परिजन उपस्थित थे।
दूसरी ओर लक्ष्मणगढ़ थानाप्रभारी मुकेश कुमार कानूनगो ने महिलाओं से बदतमीजी और वृद्ध को जबरन उठाकर लाने की बात को नकारते हुए कहा कि पूछताछ के लिए लाए गए बलदेव के पुत्र हरिराम ने लड़की भगाने के मामले में आरोपी युवक शीशराम की पूरी मदद की है। यहां तक कि गाड़ी व पैसों की व्यवस्था भी की है।
बलदेव को इसकी जानकारी है, परंतु वह पुलिस का सहयोग नहीं कर रहा है। मंगलवार को जब पुलिस के सिपाही महेंद्र व अन्य उससे पूछताछ के लिए गए तो बलदेव ने उनके साथ धक्का मुक्की का प्रयास किया।
मामले से ध्यान हटाने व पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ग्रामीण ये अनर्गल आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गत 14-15 फरवरी को रोरु गांव की एक नाबालिग लड़की को बगड़ी गांव का शीशराम नाम का युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया था। दोनों को भगाने में गांव के बलदेव के पुत्र हरिराम ने आधी रात को गाड़ी और रुपयों की व्यवस्था करके दी थी। हरीराम व शीशराम अभी फरार बताए जा रहे हैं।