
राजस्थान के इन 283 गांवों में पानी के लिए मचने वाला है हाहाकार, गर्मी से पहले ये खबर आपके छूटा देगी पसीने
रविन्द्र सिंह राठौड़, सीकर.
सरकार पेयजल योजना की स्वीकृति देकर वाहीवाही लूटती रही और जिम्मेदारों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया। सात साल से पानी की आस में बैठे इलाके के लोगों को इस बार भी गर्मियों के सीजन में फतेहपुर-लक्ष्मणगढ़ वृहद पेयजल परियोजना से पानी नहीं मिलेगा। ऐसे में इलाके में पानी के लिए हाहाकार मचना तय है। इसके बाद भी जिम्मेदार अभियंता और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। पर्दे के पीछे चल रहे सेटिंग के खेल में कंपनी काम में ढि़लाई बरतती रही और अभियंता पैनल्टी लगाकर काम की अवधि बढ़ाते रहे। दो साल में पूरा होने वाला काम लगभग सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 832 करोड़ की पेयजल परियोजना में अब तक निर्माण एजेन्सी पर लगभग 23 करोड़ की पैनल्टी लगाई जा चुकी है। लेकिन चहेती फर्म को अफसरों ने खुली शह दे रखी है। इस कारण अभी तक तक महज 43 गांव-ढाणियों में टेस्टिंग का काम पूरा हुआ है। अब विभाग के जिम्मेदार अभियंता 30 सितम्बर 2019 तक काम पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
इस बार भी गर्मियों में नहीं मिलेगा पानी
पिछले साल अभियंताओं ने इस योजना के फरवरी-मार्च तक पूरा होने का दावा किया था। लेकिन इस साल भी गर्मियों के सीजन में पानी नहीं मिलेगा। डार्क जोन व फ्लोराइड की पानी की समस्या से जूझ रहे इलाके के लोगों का कहना है कि जिन इलाकों में काम पूरा हो गया, वहां तो सप्लाई शुरू करनी चाहिए।
जिम्मेदार बचते गए
योजना का पहला चरण वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। पहले चरण में रतनगढ़ से लक्ष्मणगढ़ तहसील के मंगलूणा ग्राम तक 121.02 करोड़ रुपए के बजट में मुख्य टंकमैन का काम 14 नवंबर 2014 पूरा होना था। पहले चरण का फायदा लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर एवं रामगढ़ को मिलना है। कार्य में देरी होने पर फर्म पर 1.61 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगा गई। पहले चरण का काम 29 अगस्त 2018 को पूरा हुआ।
अब तक 672 करोड़ रुपए खर्च
इस परियोजना पर अब तक विभाग 672.78 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। परियोजना में 164 गांव लक्ष्मणगढ़ एवं 119 फतेहपुर तहसील के शामिल है। योजना की कुल लागत 832 करोड़ है। लेकिन अब तक 738 करोड़ की वित्तिय स्वीकृति जारी हुई है। शेष राशि रख-रखाव के लिए रखी है।
छह चरणों में पूरा होना है काम
फतेहपुर व लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र की पेयजल समस्या को लेकर कई प्रोजेक्ट बने। पहले फ्लोराइड की समस्या से निजात दिलाने को लेकर दावे हुए। इसके बाद पिछली कांग्रेस सरकार ने दोनों विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए यह योजना स्वीकृति की। सीकर जिले में पानी आपणी योजना के हैडवक्र्स धन्नासर से मिलेगा। धन्नासर से फतेहपुर वाया सरदारशहर, रतनगढ़ एवं फिल्टर प्लांट, पंप हाउसों के जरिए पानी गांव-ढाणियों तक पहुंचेगा। इस परियोजना के लिए छह चरण निर्धारित किए गए।
किस योजना में कितने गांव-ढाणी शामिल
चौथे चरण में लक्ष्मणगढ़ तहसील के 74 गांवों में 15 शामिल है। इस चरण में देरी पर 4.53 करोड़ की पेनल्टी लगी। पांचवें चरण में लक्ष्मणगढ़ तहसील के 90 एवं फतेहपुर तहसील के दो गांव शामिल है। यहां भी काम समय पर नहीं होने पर 5.48 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। योजना के आखिरी चरण में धन्नासर से सरदारशहर तक काम होना है। आखिरी चरण में भी देरी होने पर संबंधित कंपनी पर 7.38 करोड़ का जुर्माना लगाया गया। कंपनी को अब काम पूरा करने के लिए 30 सितम्बर 2019 का समय दिया है।
अब बहाना: नगर निकायों से नहीं मिला सहयोग
योजना के तीसरे चरण में फतेहपुर तहसील के 35 एवं लक्ष्मणगढ़ के एक गांव का चयन हुआ। जलदाय विभाग के अभियंताओं का कहना है कि नगर निकायों ने सीवरेज का काम शुरू कर दिया। इस कारण योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी। यहां 14 उच्च जलाशयों का निर्माण व पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। 45.97 करोड़ रुपए की लागत से 30 अप्रेल 2015 तक काम पूरा होना था। काम में देरी पर फर्म के खिलाफ 2.32 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई। अब कंपनी को 31 मार्च तक काम पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
2015 में फतेहपुर को मिलना था पानी, अब तक खाली हाथ
योजना के दूसरे चरण में फतेहपुर तहसील के 81 गांवों को वर्ष 2015 में पानी मिलना था। लेकिन अभी तक सूखे हलक तर नहीं हो सके है। योजना के तहत 13 उच्च जलाशयों का निर्माण हो चुका है। इस काम के लिए कंपनी को 62.52 करोड़ पर बजट मिला। काम में देरी पर 2.05 करोड़ रुपए की पैनल्टी लगाई गई। मार्च 2019 तक पानी मिलने का दावा किया जा रहा है।
दूसरे विभागों का नहीं मिला सहयोग
&परियोजना का काम 30 सितंबर 2019 तक पूरा संभावित है। फर्मों की काम में धीमी गति, नेशनल हाइवे, पीड्ब्ल्यूडी एवं वन विभाग की वजह से काम में देरी हुई है। लालासी में काम करना है, लेकिन वन विभाग ने अटका रखा है। रामगढ़ तक लाइन डाल दी वहां पर सीवरेज का काम चल रहा है। फतेहपुर मे अभी समय लगेगा। लक्ष्मणगढ़ शहर एवं 45 गांवों में पानी मिलना शुरू हो गया है। काम में देरी पर फर्म पर पैनल्टी लगा दी है। -राजाराम गुप्ता, प्रोजेक्ट एइएन, झुंझुन
Published on:
13 Mar 2019 01:36 pm
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