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Twitter पर लड़े नैन तो देसी लड़के को दिल दे बैठी विदेशी मेम और फिर इस तरीके से सीखी हिंदी, देखें वीडियो

SIkar Love story : टर्की की यह लड़की सीकर के फतेहपुर शेखावाटी निवासी लड़के से प्यार करती है।

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सीकर. यूं तो प्यार की कोई भाषा नहीं होती। यह तो सिर्फ प्यार भरा अहसास है, जिसे अनुभव किया जा सकता है। बात अगर बेपनाह मोहब्बत करने वालों के बीच आपसी संवाद की आए तो दुनिया की कोई ‘भाषा’ उन्हें नहीं रोक सकती है।

इस बात का ताजा उदाहरण है देसी लड़के की यह विदेशी गर्लफे्रंड, जो इन दिनों राजस्थान के सीकर जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। चर्चा इसलिए कि यह लड़की टर्की की रहने वाली और सीकर के फतेहपुर शेखावाटी निवासी लड़के से प्यार करती है। अपने प्यार जोहेब हुसैन को पाने के लिए टर्की की एब्रु दोआन फतेहपुर चली आई है।

ट्वीट से हुई दोस्ती प्यार में बदली

-फतेहपुर निवासी जोहेब हुसैन वर्ष 2014 सउदी अरब रह रहा है। वहां ट्रेवल एजेंट है।
-2014 में दुनिया में शांति के किसी एक मुद्दे पर जोहेब ने ट्वीट किया।
-ट्वीट को टर्की के इस्ताम्बुल शहर की रहने वाली एब्रु दोआन ने ट्वीट को लाइक कर दिया।
-इसके बाद से दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत बढ़ती चली गई।
-दोनों का कहना है कि कब दोस्ती प्यार में बदल गई इसका पता ही नहीं चला।
-इसके बाद जोहेब सउदी अरब से टर्की जाके उससे मिलकर आया। पांच साल से दोनों के बीच रिश्ता बना हुआ है।
-एब्रु दोआन फिलहाल कॉलेज की पढ़ाई कर रही है। कॉलेज पूरी करने के बाद जोहेब से शादी करेगी।

sikar love story

शादी के लिए घरवालों को मनाया
एब्रु दोआन का कहना है कि जोहेब से मिलने के बाद उसने उससे शादी करने की सोची, मगर परिवार वाले इसके खिलाफ थे। माता-पिता को जैसे-तैसे मनाया तो पिता जोहेब का घर देखने की जिद करने लगे। इस पर वह पिता सैयद व माता फातमा को लेकर फतेहपुर आई है। सैयद टर्की की एक कम्पनी में सुपरवाइजर हैं।


एब्रु ने हिंदी जोहेब ने अंग्रेजी सीखी
ट्वीट लाइक करने के बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया था, मगर दिक्कत यह थी कि ना जोहेब को पूरी अंग्रेजी आती थी और ना ही एब्रु को हिंदी। ऐसे में जोहेब ने अंग्रेजी सीखी व उसने एब्रु को बताया कि उसकी मां अंग्रेजी नहीं बोल पाएगी। उससे हिंदी में ही बात करने पड़ेगी। अपनी सास की खुशी के लिए एबु्र ने हिंदी सीख ली। इसके लिए उसने यूट्यूब के वीडियो देखे। एबु्र का उत्साह बढ़ाने के लिए जोहेब भी उससे हिंदी में बात करने लगा तो इससे वह कम समय में ही हिंदी बोलने लग गई।


परिवार आया जोहेब का परिवार

एब्रु का कहना है कि शादी के लिए उसके मां बाप को बहुत ज्यादा डर था कि भारत में कैसे रहेगी व कैसा होगा। इसके लिए वह उनको साथ लेकर आई। यहां आकर परिवार से मिलने पर उन्हें अच्छा लगा। अब वह शादी के लिए राजी हो गए है।

कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद दोनों आपस में शादी कर लेंगे। एब्रु का कहना है कि वह शादी के बाद जोहेब के साथ ही रहेगी चाहे फतेहपुर रहना पड़े या और कहीं भी, उसे कोई परवाह नहीं है। उसे जोहेब का परिवार बहुत पसंद पाया है।