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यहां लोग एक लाख रुपए देकर गोद ले रहे गायें

भोड़की गांव स्थित जमवाय ज्योति गोशाला ने बेसहारा गायों को परवरिश के लिए गोद लेने की अनूठी योजना शुरू की है।

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Bhorki

गुढ़ागौडज़ी. भोड़की गांव स्थित जमवाय ज्योति गोशाला ने बेसहारा गायों को परवरिश के लिए गोद लेने की अनूठी योजना शुरू की है। जिसमें कोई भी व्यक्ति गोशाला में एक बार एक लाख रुपए देकर आजीवन एक गाय को परवरिश के लिए गोद ले सकता है। दानदाता द्वारा प्रदान की एक लाख रुपए की राशि बैंक में मासिक आय योजना में जमा करवाई जाएगी। दानदाता द्वारा गाय की परवरिश के लिए प्रदान की गई एक लाख रुपए की मूल रकम बैंक में सुरक्षित रहेगी। जबकी जमा राशि का ब्याज प्रति माह गोशाला को मिलता रहेगा।

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कमेटी की ओर से रविवार को यह योजना शुरू करते ही पहले दिन प्रवासी दानदाता श्यामसुन्दर सौंथलीया व ढ़ाणियां भोड़की सरपंच कैप्टन शिवरामसिंह गोदारा ने एक-एक लाख रुपए प्रदान करके आजीवन दो गायों को परवरिश के लिए गोद लिया।

डेढ़ करोड़ का जनसहयोग

भोड़की तीन वर्ष पहले तक सैकडों बेसहारा गाय गांव में घूमा करती थी। बेसहारा गायों का पेट नही भरने से भूखी गाय रात्रि में किसानों के खेतों में फसलों को चौपट कर देती थी। जिससे किसानों को दिन-रात अपने खेतों की रखवाली करनी पड़ती थी। इस समस्या से परेशान किसानों ने तीन वर्ष पहले जनसहयोग से बेसहारा गायों की परवरिश के लिए धामाणा जोहड़ में गोशाला खोली। जनसहयोग से संचालित इस गोशाला में वर्तमान में 510 गाय है।

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पिछले तीन वर्ष में भोड़की व ढाणियां भोड़की के ग्रामीण इस गोशाला के संचालन के लिए एक करोड़ 50 लाख रूपए का जनसहयोग प्रदान कर चुके हैं। जमवाय माता आने वाले प्रवासी भी गोशाला के संचालन के लिए 40 लाख रूपए का जनसहयोग प्रदान कर चुके हैं। जबकी सरकार की ओर से इस दौरान केवल 19 लाख रूपए की सहायता राशि मिली है।