
CRPF Shaurya Diwas
सीकर.
हिन्दुस्तान के जवानों का सामना करने लायक पाकिस्तानी फौज ना कभी थी ना होगी। जब-जब भी पाक ने नापाक मंसूबों से भारत की तरफ आंख उठाकर देखा है तब-तब उसे मुंह की खानी पड़ी है। बात चाहे किसी युद्ध की हो या हमले की। हर बार भारत के जवानों ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। न केवल भारतीय सेना बल्कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान भी पाकिस्तान को सबक सिखा चुके हैं।
सीआरपीएफ के शौर्य दिवस के उपलब्ध में आज हम आपको बात रहे हैं सीआरपीएफ के जवानों की बहादुरी का एक किस्सा। बात 1965 की है। पाकिस्तान ने गुजरात से सटी सीमा की तरफ से हमला किया। पाकिस्तानी फौज कच्छ की सरदार पोस्ट पर कब्जा करना चाहती थी। पाकिस्तानी फौज का सामना सीआरपीएफ के जवान से हुआ था, जिसमें राजस्थान के सीकर जिले के गांव हरिपुरा निवासी लांस नायक किशोर सिंह शहीद हो गए थे। वहीं पाकिस्तान सेना के 2 अफसरों समेत 34 जवान ढेर हुए थे।
ऐसे हुए थे शहीद किशोर सिंह
-केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 02 बटालियन की दो कम्पनियां गुजरात के रन ऑफ कच्छ की सरदार पोस्ट पर तैनात थी।
-नौ अप्रेल 1965 को 3500 सदस्यों वाली एक पूरी पाकिस्तानी इनफ्रंटरी ब्रिगेड ने सरदार पोस्ट पर कब्जा करने के उद्देश्य से पोस्ट पर हमला किया।
-अपने से संख्या में बहुत बड़ी पाकिस्तानी सेना के हमले को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ी ने नाकाम कर दिया था।
-यह नहीं बल्कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की इस टुकड़ी ने चार पाकिस्तानी सैनिकों को गिरफ्तार भी कर लिया।
-पाकिस्तानी सेना अपने दो अधिकारियों समेत 34 सैनिक के शव छोड़कर भाग गई थी।
-इस हमले में लांस नायक किशोर सिंह अद्मय साहस दिखाते हुए घायल हो गए थे।
-बाद में किशोर सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। किशोर सिंह की बहादुरी को सीआरपीएफ कभी नहीं भूल पाएगा।
#CRPF मना रहा शौय दिवस
पाक की इस नापाक हरकत और हमले के कारण शहीद हुए सीआरपीएफ के अधिकारियों व जवानों की याद में नौ अप्रेल को शौय दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन शहीदों को याद जाता है, जिन्होंने पाकिस्तानी सेना उनसे संख्या में अधिक होने के बावजूद सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें धूल चटा दी थी।
Published on:
9 Apr 2018, 3:49 PM IST
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