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होली के बाद फिर लगेगा सर्दी का झटका

होली के बाद फिर लगेगा सर्दी का झटकादस व 11 मार्च को ओले संग बारिश की चेतावनीसीकर. होली का त्योहार दो दिन बाद है लेकिन पिछले दो दिन में शेखावाटी सहित प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश के कारण शनिवार को शेखावाटी का मौसम सर्द रहा।

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सीकर

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Ajay Sharma

Mar 07, 2020

meerut

होली के बाद फिर लगेगा सर्दी का झटका
दस व 11 मार्च को ओले संग बारिश की चेतावनी
सीकर. होली का त्योहार दो दिन बाद है लेकिन पिछले दो दिन में शेखावाटी सहित प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश के कारण शनिवार को शेखावाटी का मौसम सर्द रहा। इधर मौसम विभाग ने पाकिस्तान और मध्य पंजाब के ऊपर बने नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में दस व 11 मार्च को ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में होली के बाद एक बार फिर सर्द मौसम आमजन को ठिठुराएगा। मौसम केन्द्रों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सीकर में बीती रात दस बजे से ओस गिरनी शुरू हो गई। जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई। दोपहर में बादलो की लुकाछिपी के कारण सर्दी रही। दोपहर में तेज धूप तो रही लेकिन सर्द हवाएं चली। शाम होते ही सर्दी बढ़ गई। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री रहा।

15 साल का टूटा रेकार्ड
मौसम विशेषज्ञों की माने तो फाल्गुन माह में आमतौर पर मौसम बदलता है और कई बार ओलावृष्टि भी होती है लेकिन यह ओलावृष्टि एक पट्टीनुमा क्षेत्र में होती है। मौसम विशेषज्ञ ओमप्रकाश कालश ने बताया कि 2005 में मार्च माह में शेखावाटी में इस प्रकार का मौसम बना और बारिश संग ओले गिरे। इसके बाद मार्च 2020 पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय हुआ और अब तक दो बार पश्चिमी विक्षोभ मौसम में बदलाव ला चुका है। इसका नतीजा है कि हाल में बने नए विक्षोभ के कारण ओलावृष्टि पट्टीनुमा की बजाए विस्तृत क्षेत्र में हुई।


अब दिख रहा असर
रबी की अगेती फसल सरसों पकाव अवस्था में खड़ी थीं। चना व मैथी में बालियां पकने को तैयार थी। गेहूं व जौ की बालियों में दाने पकाव ले रहे थे। ऐसे में ओले की सीधी चपेट में आने से बालियां व फलियां दागदार हो गई। ओले गिरने से फली टूट गई। साथ ही बाली में मौजूद दाने की गुणवत्ता खराब हो गई। इस कारण अगले तीन दिन में गेहूं व जौ की बाली सफेद हो जाएगी तो नुकसान बढ़ जाएगा। हालांकि गनीमत रही कि कई जगह ओलावृष्टि के दौरान हवाएं थमी हुई थी। यदि ओले गिरने के दौरान हवाएं चल जाती तो नुकसान बढ़ जाता है।