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जज्बा: सेवानिवृत्ति के बाद भी दो सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के साथ तराश दिए 200 खिलाड़ी, दे रहे निशुल्क सेवा

सीकर/रोलसाहबसर. जहां चाह होती है वहां राह अपने आप खुल जाती है। फतेहपुर इलाके के एक शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद निशुल्क सेवा देकर खिलाडिय़ों की प्रतिभा को निखारने में भी जुटे हैं।
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सीकर

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Sachin Mathur

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Updated: 26 Nov 2021, 1:42 PM IST

जज्बा: सेवानिवृत्ति के बाद भी दो सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के साथ तराश दिए 200 खिलाड़ी, दे रहे निशुल्क सेवा

जज्बा: सेवानिवृत्ति के बाद भी दो सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के साथ तराश दिए 200 खिलाड़ी, दे रहे निशुल्क सेवा

प्रमोद सुंडा

सीकर/रोलसाहबसर. जहां चाह होती है वहां राह अपने आप खुल जाती है। फतेहपुर इलाके के एक शिक्षक सेवानिवृत्ति के बाद निशुल्क सेवा देकर खिलाडिय़ों की प्रतिभा को निखारने में भी जुटे हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक की सेवा का जज्बा पिछले आठ साल से जारी है। सेवानिवृत्त सरकारी अध्यापक परसाराम बिजारणिया दो सरकारी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाते हैं। वहीं रोजाना सुबह पांच बजे से मैदान पर छात्रों को वालीबॉल की तैयारी कराते हैं। उन्होंने अब तक 200 से ज्यादा वॉलीबॉल के खिलाड़ी तैयार कर दिए। ग्रामीण युवाओं को सेना भर्ती की भी तैयारी कराते हैं।

दरअसल, तीन साल पहले राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल महज 18 बच्चों के नामांकन के कारण बंद होने की स्थिति तक पहुंच गया था। फिर सेवानिवृत्त शिक्षक परसाराम ने घर-घर दस्तक देकर स्कूल का नामांकन बढ़ाया। अब यहां का नामांकन बढ़कर 100 तक पहुंच गया है। बकौल शिक्षक परसाराम, सेवानिवृत्ति के बाद दूसरी पारी की शुरुआत रोलसाहबसर के शहीद मोहम्मद इकराम खां राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से की। वहां से तैयार खिलाड़ी जब स्टेट व नेशनल खेलने लगे तो नजदीकी गांव कल्याणपुरा के बंद हो रहे स्कूल को बचाने की ठानी। शुरू में पहले तो ना तो छात्रों ने और ना ही अभिभावकों ने रूचि ली। फिर मैंने उन्हें जागरूक करना शुरू किया। मैंने स्कूल में सभी स्टूडेंट्स के लिए खेल अनिवार्य कर दिए। सुबह पहले रोलसाहबसर और फिर कल्याणपुरा के स्कूल में खिलाना शुरू किया। वॉलीबॉल का प्रशिक्षण शुरू किया। कुछ ही दिनों में दोनों स्कूल वॉलीबॉल की प्रतिभाओं के लिए एक नर्सरी बन गए। बिजारणियां से रोलसाहबसर के स्कूल में प्रशिक्षित कई खिलाड़ी राज्य व नेशनल स्तर पर खेल चुके हैं। प्रशिक्षण के काम में उनसे प्रशिक्षित नेशनल खिलाड़ी रजनेश डोटासरा व गौरव स्वामी भी उनका सहयोग कर रहे हैं। स्कूल के काम को देखते हुए अब कल्याणपुरा के ग्रामीणों से भी मदद मिल रही है।

एक पंचायत से 8 खिलाड़ी खेलेंगे स्टेट
बिजारणियां ने बताया कि जिला स्तरीय टूर्नामेंट में उनकी रोलसाहबसर स्कूल वाली टीम विजेता तथा उनकी दूसरी टीम राजकीय उप्रा स्कूल कल्याणपुरा उपविजेता रही। अब इन दोनों स्कूलों के आठ खिलाड़ी 27 नवम्बर से राजसमंद के दरीबा में शुरू हो रहे अंडर 14 राज्य स्तरीय वालीबॉल टूर्नामेंट में भाग लेंगे। रोलसाहबसर व कल्याणपुरा गांव के प्रदीप नेहरा, भावेश नेहरा, सौरभ सैनी, हरीश नेहरा,दिनेश नेहरा, अभिषेक ढाका भोजदेसर तथा लड़कियों में पूजा व मौसमी शामिल हैं।


विधायक बोले, स्कूल को करवाएंगे क्रमोन्नत

सेवानिवृत्ति के बाद भी स्कूल और खेलों से जुड़ाव काफी सराहनीय है। परसाराम बिजारणियां सेवानिवृत्ति के बाद भी स्कूल में बच्चों के भविष्य को संवारने की कोशिश में दिन-रात एक कर रहे हैं। मैने उनके सराहनीय प्रयास को देखते हुए कल्याणपुरा स्कूल को आठवीं से दसवीं में क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव भिजवाया है।
हाकम अली खान, विधायक, फतेहपुर

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