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मंत्री के आदेशों की पहले दिन ही उड़ी धज्जियां

यह क्या हो रहा है सीकर में यहां मनाही के बाद भी सवारियां लेती रही लोक परिवहन की बसें
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सीकर

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Puran Singh Shekhawat

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Updated: 22 Jun 2019, 11:12 AM IST

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मंत्री के आदेशों की पहले दिन ही उड़ी धज्जियां

सीकर. शहरवासियों के लिए नासूर बन चुकी लोक परिवहन बसों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग के मुखिया के आदेशों की धज्जियां कारिंदे ही उड़ा रहे हैं। इसकी बानगी है कि लोक परिवहन बसों पर रोक लगाने के लिए गुरुवार को परिवहन मंत्री प्रताप सिह खाचरियावास ने प्रादेशिक परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए थे। आदेश के महज 24 घंटे बाद ही शहर में लोक परिवहन बसें बिना रोक टोक सवारियों को लेती और उतारती नजर आई। खास बात यह है कि इनमें से कुछ बसें तो शहर के बीच बने उन स्टैंड पर गई जहां जाने के लिए रोडवेज बसों पर पाबंदी है। ऐसे में साफ प्रतीत हो रहा है कि बिना परमिट सडक़ों पर बेलगाम हो चुकी लोक परिवहन बसों की गति पर अंकुश लगाने की मंशा जिला स्तर पर किसी की नजर नहीं आ रही है। गौरतलब है कि विभाग के पास पांच फ्लाइंग है। जिनका काम अवैध वाहनों पर अंकुश लगाना भी है।


जयपुर मार्ग पर ज्यादा

लोक परिवहन बसों का सबसे ज्यादा संचालन सीकर-जयपुर मार्ग पर है। रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के अनुसार लोक परिवहन बसों पर हाइकोर्ट ने रोडवेज के घोषित बस स्टैंड से ढाई किलोमीटर के परिधि क्षेत्र से सवारियों को नही लेने पर पाबंदी लगाई है। इसके बावजूद ये लोक परिवहन बसें जयपुर रोड तिराहा और बजरंग कांटा क्षेत्र से सवारियों को लेती है और उतारती है। इसके विरोध में रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर आंदोलन भी किए गए हैं। इसके बाद यातायात प्रबंधन समिति की बैठक में शहर में चार नए बस स्टैंड बनाए गए और सभी बसों को शहर से बाहर किया। साथ ही लोक परिवहन बसों को माधव सागर तालाब तक जाने की छूट इस शर्त पर दी कि ये केवल यात्रियों को उतार तो सकती है लेकिन सवारियां नहीं ले सकती है। जिसकी जिम्मेदारी यातायात पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने इस और ध्यान तक नहीं दिया।

शह का खेल
शहर में पिछले दिनो खटीकान प्याऊ के पास हुए सडक़ हादसे में जिस लोक परिवहन बस को पुलिस ने जब्त किया उस बस का परमिट तारानगर क्षेत्र के गांवों का मिला लेकिन जिम्मेदारों की शह के कारण ये बस बिना रोक टोक जयपुर से तारानगर मार्ग पर चलती रही। पिछले दिनो रोडवेज की ओर से टोल बूथ पर किए सर्वे में पता चला कि जयपुर मार्ग पर 250 से ज्यादा लोक परिवहन चल रही है। इनमें से कई बसों के परमिट तो गांव के रूट से बने हुए है लेकिन ये राजमार्ग पर बिना रोकटोक के चल रही है। ऐसा बिना किसी मिलीभगत के संभव नहीं है। ऐसी बसें न केवल विभाग को राजस्व का चूना लगा रही वहीं बसों में सफर करने वाले यात्रियों की जान भी जोखिम में डाल रही है।


यातायात पुलिस की जिम्मेदारी

यातायात प्रबंधन समिति की ओर से लोक परिवहन बसों के शहर में प्रवेश में रोक लगाई थी जिसकी पालना करवाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस को दी गई थी। अब यातायात पुलिस को परिवहन विभाग की फ्लाइंग की जरूरत है तो विभाग मदद के लिए तैयार है।
- सतीश कुमार, आरटीओ सीकर