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ये कैसे सरकारी स्कूल के मास्टर….पोषाहार के बिलों पर दस्तखत के बदले मांग ली अस्मत

पोषाहार के कागजों पर दस्तखतों के लिए बुलाया, फिर की छेड़छाड़ सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य की करतूत  

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ये कैसे सरकारी स्कूल के मास्टर....पोषाहार के बिलों पर दस्तखत के बदले मांग ली अस्मत

ये कैसे सरकारी स्कूल के मास्टर....पोषाहार के बिलों पर दस्तखत के बदले मांग ली अस्मत

सीकर. समाज में लोगों का चारित्रिक पतन होता जा रहा है। ऐसे कई उदाहरण हर रोज सामने आ रहे हैं। विशेषकर स्कूली शिक्षकों को लेकर पिछले कुछ समय से ऐसे कई आरोप लगे हैं, जिनसे गुरु पद की मर्यादा भंग हुई है। ताजा मामला सीकर जिले का है, जहां एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने एक महिला को पोषाहार के कागजों पर दस्तखत के लिए बुलाया...और फिर बदले में उसकी अस्मत ही मांग ली। मामला बाजौर के पास नीम की ढाणी स्कूल का है। जिले में बाजौर के पास एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला ने सीकर के उद्योगनगर थाने में दर्ज करवाया है कि नीम की ढाणी में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में उसका बच्चा कक्षा चार में पढ़ता है। 27 जुलाई को स्कूल प्रधानाध्यापक मोटाराम ने उसे पोषाहार के सिलसिले में स्कूल में बुलाया और छेड़छाड़ की। जबरन उसका घुंघट उलट दिया और उससे अश्लील हरकतें करने लगा। विरोध करने पर धमकाया। इतना ही नहीं महिला द्वारा पुलिस में दी गई एफआईआर में बताया गया कि प्रधानाध्यापक ने उससे कहा कि जब भी पीहर जाओ, तो मेरे साथ मेरी गाड़ी में चला करो। अन्य कई महिलाएं मेरे साथ ही जाती है। तुम क्यों नहीं ऐसा करती। बाद में महिला घर आ गई। पहले दिन तो लोक लाज के डर से उसने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। दूसरे दिन उसने अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया। बाद में परिजनों ने जिला शिक्षा अधिकारी को भी शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पुरुष बाहर, गांव में ज्यादातर अकेली रहती हैं महिलाएं
जिला शिक्षा अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि आरोपी मोटाराम राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में नीम की ढाणी में कार्यरत है। गांव के बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। गांव में ज्यादातर पुरुष काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। स्कूल के काम के लिए अक्सर महिलाओं को ही स्कूल में जाना पड़ता है। जब भी कोई महिला इस स्कूल में जाती है, तो प्रधानाध्यापक मोटाराम उनसे अभद्रता करता है।


वाह रे लालफीताशाही...एक महिने से कार्रवाई नहीं
इस मामले को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने एक माह पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया था। पिछले महिने 14 सितम्बर को लोग सीकर आए और ज्ञापन देकर अध्याकप की शिकायत की थी। उसके बाद एक महीना बीत गया, लेकिन विभागीय स्तर पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।