
सीकर/जयपुर.
सीकर के खान मालिक कृपाल सिंह ने दो माह तक कुख्यात आनंदपाल और उसके गुर्गों की धमकी पर ध्यान नहीं दिया था। कई बार उसे आनंदपाल और उसके गुर्गों ने 50 लाख रुपए की वसूली को सम्पर्क किया लेकिन कृपाल ने उन्हें दो टूक कह दिया कि वह रुपए नहीं देगा। यही बात आनंदपाल और उसके गुर्गों को नागवार गुजरी। उस दिन आनंदपाल खुद ही गुर्गों के साथ कृपाल सिंह से मिला। उसे धमकाया। आनंदपाल ने कृपाल की कनपटी पर एके-47 और दूसरे साथी ने उसकी कमर में पिस्टल लगा दी थी। धमकी दी कि उसे सिर्फ हां सुनना पसंद है। रुपए मिलने चाहिए, नहीं तो उसका सिर उड़ा देगा। उसे बचा सकता है तो सिर्फ और सिर्फ आनंदपाल। यह चौंकाने वाला खुलासा एसओजी की रिमांड पर आए मोंटी और देवेंद्र उर्फ गट्टू ने किया है। एसओजी ने गुरुवार को प्रॉडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार महिपाल सिंह उर्फ मोंटी और देवेंद्र सिंह उर्फ गट्टू को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को नौ दिन का रिमांड मिला है।
कई व्यापारियों व खान मालिकों से की वसूली
मोंटी और गट्टू से देर शाम तक पूछताछ चली। जिसमें दोनों खान मालिक कृपाल सिंह से वसूली के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों ने कहा कि फरारी के बाद आनंदपाल और उन पर आर्थिक संकट आ गया था। किसी को धमका नहीं सकते और न ही खुलेआम वसूली कर सकते थे। इसलिए नागौर, सीकर, चुरू, झुंझुनूं और बीकानेर के कई व्यापारियों और खान मालिकों से सम्पर्क किया। उन्हें धमकाया और वसूली की।
डेढ़ माह तक किया था परेशान
एसओजी के मुताबिक, आनंदपाल और उसके गुर्गों ने डेढ़ माह तक खान मालिक कृपाल सिंह को परेशान किया था। आए दिन कोई न कोई उसे धमकाता था। आखिर में परेशान होकर खुद और परिवार की सुरक्षा के चलते कृपाल सिंह ने 30 लाख रुपए दिए थे। तब जाकर उसका आनंदपाल से पिंड छूटा था।
हथियार आखिर गए कहां
एसओजी को विक्की और गट्टू के पास से एक भी हथियार नहीं मिला था। खान मालिक कृपाल को धमकाने के लिए आनंदपाल और विक्की एके-47 लेकर गए थे। मोंटी, गट्टू, तेजपाल, कुलदीप, मांडिया और अन्य के पास भी अत्याधुनिक हथियार थे। वे हथियार कहां गए? इसके बारे में एसओजी पूछताछ कर रही है।
Published on:
01 Sept 2017 11:48 am
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