21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Special News: रूठे मेघों ने बारिश के लिए तरसाया

नीमकाथाना. द्वितीय श्रावण माह में 21 अगस्त को बरसात होने के बाद जिलेवासी एक सप्ताह से बारिश के इंतजार में हैं। 4 जुलाई से प्रथम श्रावण बारिश के संग शुरू होने से जिले के सबसे बड़े बांध रायपुर के भरने की आस जगी थी, लेकिन अगस्त सूखा जाने से उम्मीद टूट गई।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Mukesh Kumawat

Aug 29, 2023

Special News: रूठे मेघों ने बारिश के लिए तरसाया

Special News: रूठे मेघों ने बारिश के लिए तरसाया

नीमकाथाना. द्वितीय श्रावण माह में 21 अगस्त को बरसात होने के बाद जिलेवासी एक सप्ताह से बारिश के इंतजार में हैं। 4 जुलाई से प्रथम श्रावण बारिश के संग शुरू होने से जिले के सबसे बड़े बांध रायपुर के भरने की आस जगी थी, लेकिन अगस्त सूखा जाने से उम्मीद टूट गई। हालांकि आसमान में दिनभर बादल जरूर छाए रहते हैं। दो दिन पहले सुबह मौसम ऐसा हुआ कि झमाझम बारिश होगी मगर शाम तक बदरा बिना बरसे ही चले गए।

आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो गत 2022 के अनुपात में इस वर्ष अगस्त में 28 एमएम कम बारिश हुई है। वर्ष 2022 में 25 अगस्त तक 84 एमएम बारिश हो चुकी थी। दो श्रावण होने के बावजूद कम बारिश होना चिंता का विषय है। तहसील कार्यालय के सात वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डाली जाएं तो अगस्त 2020 में सबसे ज्यादा 246 एमएम बारिश हुई थी। अगस्त 2019 में भी इन्द्र देव मेहरबान होने से आंकड़ा 159 एमएम तक पहुंचा। वहीं वर्ष 2017 में 54 एमएम बारिश हुई थी, जो इस वर्ष की तुलना में 2 एमएम बारिश कम है। जून- जुलाई में अच्छी बारिश होने से किसानों ने खुश होकर खरीफ की फसल की बुवाई की थी, लेकिन अगर ऐसा ही मौसम रहा तो फसल सूख जाने से पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।

जून-जुलाई में अच्छी बारिश होने से जिले की कासावती व टपकेश्वर की नदी में पानी आने से जिले का सबसे बड़ा बांध छलकने के साथ ही क्षेत्र के एनिकट व अन्य बांध ओवरफ्लो हो गए थे। अगस्त में बारिश नहीं होने से इनका जलस्तर घटने लग गया है। वहीं तेज बारिश के बावजूद भी रायपुर बांध तक पानी नहीं पहुंचने का नदियों में अतिक्रमण व गहरे गड्डे होने का भी बड़ा कारण है।

श्रावण माह में अबतक हुई 19 दिन बारिश

जुलाई व अगस्त माह में बारिश का रिकॉर्ड उठा कर देखा जाए तो दोनों श्रावण माह में 19 दिन ही बारिश हुई, जिसमें सबसे ज्यादा 18 दिन जुलाई में ही बारिश हुई। अगस्त में अब तक एक ही दिन मेघ बरसे। इस वर्ष अधिक माह होने से श्रावण भी दो माह का हुआ। पहले श्रावण में अच्छी बारिश होने से दूसरे श्रावण में भी अच्छी बरसात का अनुमान था, लेकिन इंन्द्र देव केवल चिड़ाकर ही जाते रहे।

सूखे निकले अधिकतर सोमवार

इन्द्र देव ने भले ही श्रावण माह बारिश के संग शुरू किया हो लेकिन, प्रथम व द्वितीय श्रावण माह के सोमवार सूखे ही निकले हैं। प्रथम श्रावण के पहले व द्वितीय सोमवार को बारिश हुई। श्रावण (अधिक) माह का पहला सूखा व दूसरे सोमवार को 25 एमएम बारिश हुई। द्वितीय श्रावण माह के सभी सोमवार सूखे ही निकले है। हालांकि इस माह में एक दिन जरूर इन्द्र देव मेहरबान हुए थे।