
रघुनाथ बालिका स्कूल का वार्षिकत्सव
लक्ष्मणगढ़. रघुनाथ बालिका शिक्षण संस्थान के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को एसआर गल्र्स कॉलेज के वार्षिकोत्सव मनाया गया।
नगर भामाशाह रामावतार डीडवानियां की अध्यक्षता व संस्था के संरक्षक विश्वनाथ पुरोहित के मुख्य आतिथ्य में हुए कार्यक्रम में छात्राओं ने राजस्थानी, पंजाबी, गुजराती व मराठी लोकगीत नृत्यों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम को दिनेश जोशी, सचिव रामकरण जोशी, संस्था प्रधान डॉ सीमा शर्मा, साहित्यकार ओमप्रकाश पारीक, रमेश पारीक तथा गोपाल भारद्वाज ने भी संबोधित किया। इससे पहले वर्षभर शैक्षिक व अन्य गतिविधियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का सम्मान किया गया। इस मौके पर स्कूल प्राचार्य गायत्री पोरवाल, स्कूल सचिव ओमप्रकाश जांगिड़, राजस्थान ब्राह्मण महासभा के तहसील अध्यक्ष सुभाष जोशी, विनायक कॉलेज फतेहपुर की प्राचार्या डॉ मधु शर्मा, डॉ मनीषा शर्मा,रतनलाल चिरानिया आदि थे।
भारती और हिमानी मिस फ्रेशर
सीकर. स्वामी केशवानंद पीजी कॉलेज में फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता निदेशक रामनिवास ढाका ने की। शुभारंभ संस्था संरक्षक जोरसिंह ढाका, डिग्री कॉलेज प्राचार्य ललित किशोर तंवर व नर्सिंग प्राचार्य महेश कुमावत ने किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। मिस फ्रेशर भारती व हिमानी को चुना गया। मिस्टर फ्रेशर श्याम पारीक व अमन ढाका को चुना गया। चारों को संस्था चेयरमैन सुरेन्द्र सिंह ढाका ने ताजा पहनाया।
कवि सम्मेलन में जमा रंग
लोसल. अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने देर रात तक रंग जमाए रखा। उपाध्यक्ष विक्रम ङ्क्षसह व सहमंत्री प्रवीण मिश्रा ने बताया कि साहित्य परिषद् के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शाम ५ से ६ बजे तक सामाजिक समरसता व साहित्य सृजन पर काव्य संगोष्ठी हुई जिसमें मुख्य वक्ता गोपाल बहुगुणा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि हमारा समाज पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहा है जो देश व देश की संस्कृति के लिए घातक है।
हमें साहित्य सृजन कर हमारी संस्कृति को बचाने के लिए प्रयास करना होगा। रात्रि ९ बजे कवियत्री मीनू शर्मा ने सरस्वती वंदना गाकर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। कस्बे के प्रसिद्ध कवि प्रभूदयाल वर्मा ने काव्य पाठ कर शेखावाटी की विरासत के बारे में बताया। नैनीताल से आई देश की सबसे कम उम्र की कवियत्री काव्या श्री जैन ने भ्रूण हत्या जैसे कुरीतियों पर व्यंग कर समाज को दिशा दिखाने की
कोशिश की। सीकर के कवि विष्णू पारीक ने देश की सीमाओं पर राष्ट्र की रक्षा कर रहे सैनिकों पर कहा कि बर्फ की चादर ओढक़र जैसे रचनाओं से श्रोताओ को झूमने पर मजबूर कर दिया। उज्जेन की कवियत्री तबस्सुम अश्क ने श्रृंगार रस की रचनाएं सुनाई। कोटा से आई कवियत्री मीनू शर्मा व दिल्ली से आये हुए कवि कुशल कुशवाहा की जुगलबंदी सदन तालियों से गूंज़ उठा। कार्यक्रम के अन्तिम कवि के रूप में साहित्य के सबसे बडेंं पुरूस्कार से सम्मानित होकर ग्रेटर नोएडा से कवि लोसल पहुंचे विश्व विख्यात कवि अमित शर्मा ने श्रौताओ को अपनी जोश भरी रचनाओ से सदन मेें बैठे रहने को मजबूर कर दिया और सारे सदन में वन्दे मातरम व भारत माता की जय के नारे गुंजने लगे। कार्यक्रम के समापन पर सभी कवि व कवियत्रियो को प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में रात्रि करीब २ बजे तक गणमान्य नागरिकों सहित लोग मौजूद रहे।
Updated on:
03 Oct 2018 07:27 pm
Published on:
03 Oct 2018 07:23 pm
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