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तन के साथ मन का स्वस्थ होना जरूरी

बहुत से लोग स्वस्थ व तंदुरुस्त रहने के महत्व को कम आंकते हैं। जबकि अच्छी सेहत से बड़ा कोई धन नहीं है।

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सीकर

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Sachin Mathur

Oct 10, 2020

तन के साथ मन का स्वस्थ होना जरूरी

तन के साथ मन का स्वस्थ होना जरूरी

बहुत से लोग स्वस्थ व तंदुरुस्त रहने के महत्व को कम आंकते हैं। जबकि अच्छी सेहत से बड़ा कोई धन नहीं है। कुछ ही लोग अपने जीवन में सेहतमंद रहने के नियमों इसका पालन करते हैं।
स्वस्थ और तंदरुस्त रहना हमारे दैनिक कार्यों को पूरा करने में मदद करता है। स्वस्थ्य रहने का अर्थ रोग रहित तन का होना ही नहीं, बल्कि तनावमुक्त मन का होना भी है। यदि एक व्यक्ति अस्वस्थ मन रखता है, तो वह अपने शरीर को स्वस्थ नहीं रख सकता है। शरीर और मन दोनों की स्वस्थता जीवन में सफलता के साथ आनंदमय जीवन जीने का सूत्र है। अच्छा मानसिक स्वास्थ्य हमें अच्छा महसूस कराने के साथ शारीरिक क्षमता और आत्मविश्वास प्रदान करता है। अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य हमारी परेशानी के समय में मदद करता है, वहीं बेकार या खराब शारीरिक स्वास्थ्य हमें अधिक कमजोर बनाता है और हमारे लिए बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। हमें अपने शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने के लिए सभी बिन्दुओं के बारे में जागरुक होने की आवश्यकता है। कुछ लोग बहुत अच्छे से जानते हैं कि शरीर को साफ-सुथरा और स्वस्थ कैसे रखा जाता है, लेकिन मन में घूम रही परेशानियों की वजह से उन्हें स्वस्थ रहने के लाभ नहीं मिल पाते हैं। मानसिक तनाव धीरे-धीरे शारीरिक स्वास्थ्य को कमजोर कर देता है। ऐसे में जरूरी है हम कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर रहें। इसके लिए आलस्य को त्यागकर ध्यान व व्यायाम दोनों का सहारा लिया जाना चाहिए।


पंकज ढाका,शिक्षक
S.G.R. सीबीएसई स्कूल भढ़ाडर(सीकर )