
लक्ष्मणगढ़ (सीकर).
आसिफा...। नाम ही काफी मन को झकझोर देने के लिए। ये नाम उस नाबालिग मासूम बच्ची का है, जिसका जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के रसाना गांव में गैंगरेप किया गया और फिर से पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई। इन दिनों पूरे देश में कठुआ गैंगरेप गूंज रहा है। आसिफा को न्याय दिलवाने के लिए अनेक जगहों पर कैंडल मार्च तक निकाला जा रहा है।
इस बीच फेमिना मिस इंडिया 2017 की प्रथम रनर अप रही सना दुआ का कठुआ गैंगरेप की घटना पर कहना है कि रेप जैसी घटनाओं को जाति, धर्म या राज्य विशेष से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
सना दुआ शनिवार को राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ स्थित मोदी विश्वविद्यालय में महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आई हुई थीं। सना दुआ ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि रेप जैसी घटनाएं सम्पूर्ण मानव समाज के लिए कलंक हैं। उन्होंने इस दौरान देश के पॉलिटिशियन्स से भी इस प्रकार की घटनाओं के प्रति राजनीति ना करने की अपील की।
एक अन्य सवाल के जवाब में दुआ ने कहा कि हालांकि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ करने का प्रयास कर रही हैं, परन्तु इसमें वास्तविक सुधार तो संस्कार व मानवता की भावनाओं के विकास से ही संभव हो पाएगा।
उल्लेखनीय है कि सना दुआ जम्मू कश्मीर की रहने वाली हैं और एक साल तक जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय में भी काम कर चुकी हैं।
कार्यक्रम को भी इन्होंने भी किया सम्बोधित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देशभर में किसान चाची के नाम से मशहूर क्रांतिकारी कृषक महिला राजकुमारी देवी ने कहा कि सफल होने के लिए कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता है। यदि आपको जीवन में कुछ बनना है तो सिर्फ ये ही याद रखो कि सभी बाधाओं को पार करते हुए हमें अपने लक्ष्यों तक पहुंचना हैं।
महिला पत्रकार, एंकर व ब्लॉगर ऋचा अनिरूद्ध ने कहा कि भारत में कई ऐसे सफलतम लोग हंै, जिनको कोई भी नहीं जानता है। आप उन तक पहुंचे और उनके सफलता के मंत्र को जाने। यकीनन आपको ये पल खुशी के साथ कुछ ना कुछ नया सीखने को प्रदान करेगा।
विश्व रिकॉर्डधारी पहली महिला बाइकर्स व 2017 में नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित पल्लवी फौजदार ने मंच साझा करते हुए कहा कि जब मंैने मेरे मन की सुनकर बाइकर्स बनने का फैसला किया तो सबसे पहले महिला होने के बावजूद भी मेरी मां ने ही मेरा विरोध किया, परन्तु फिर मेरी जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा।
कार्यक्रम में ट्रैवल फोटोग्राफर व ब्लॉगर कायनाट काजी, एंटीएसिड एक्टिविस्ट रेशमा बानो कुरैशी व पिछले साल मिस इंडिया प्रथम रन अप रही सना दुआ ने भी छात्राओं के संग अपने संघर्ष के अनुभव शेयर किए।
कार्यक्रम के अंत में मोदी विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट डॉ एम के मदान ने सभी अतिथियों का आभार जताया व प्रतीक चिह्न प्रदान कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में संस्थान की पुरातन व वर्तमान छात्राएं मौजूद थी।
Published on:
21 Apr 2018 06:17 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
