
असिस्टेंट प्रोफेसर पर छात्रा के साथ गंदी हरकत का आरोप, प्रेक्टिकल रिकॉर्ड के बहाने बुलाया
सीकर. राजस्थान के सीकर शहर के राजकीय गल्र्स कॉलेज में प्रैक्टिकल के बहाने छात्रा से कथित छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में छात्रा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है।छात्र संगठनों ने भी कॉलेज पहुंचकर विरोध जताया। बाद में कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को शांत करवाया। शिकायत में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा ने बताया है कि वह शनिवार को प्रायोगिक परीक्षा के लिए जूलोजी के रिकार्ड के लिए आई थी। उसे बताया गया कि उसका प्रायोगिक रिकार्ड कॉलेज में जमा हो चुका है। इसके बाद भी उसे कॉलेज बुलाया गया। आरोप है कि वह रिकार्ड लेने के लिए कमरा नं. 53 में गई तो वहां मौजूद एक शिक्षक ने रिकार्ड ढूंढने के बहाने उसे कई बार गलत तरीके से छूआ। छात्रा ने इसकी शिकायत विभागाध्यक्ष से की तो उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर भेज दिया। छात्रा ने प्राचार्य को भी घटना से अवगत करवाया। छात्रा का आरोप है कि इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। छात्रा का आरोप है कि इस तरह की शिकायत करने पर डरा धमकाकर घर भेज दिया जाता है। छात्रा ने एसपी से कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों ने किया विरोध, पुलिस पहुंची
इधर छात्रा से कथित छेड़छाड़ की जानकारी मिलने पर छात्र संगठनो के पदाधिकारी भी कॉलेज पहुंच गए तथा आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तथा छात्र नेताओं को समझाया। इस दौरान एसएफआई के सुभाष जाखड़, महिपाल गुर्जर, सुरेश बगडिय़ा, एबीवीपी के संयोजक नितिश चौधरी, कानाराम जाट, राजू गुर्जर व तेजा सेना के सचिन पिलानिया सहित कई लोग मौजूद थे।
काले रंग के शीशों का विरोध
राजकीय गल्र्स कॉलेज में छात्रा से कथित छेड़छाड़ के बाद व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। कॉलेज की प्रयोगशालाओं के काले रंग के गेट लगाने पर एबीवीपी ने विरोध किया है। संगठन के विभाग संयोजक नीतिश चौधरी ने बताया कि कॉलेज का मुख्य द्वार बंद रहता है तथा प्रयोगशालाओं के दरवाजे पर काले गेट लगाए गए हैं। इसका उनके संगठन ने पहले भी विरोध किया था। उन्होंने आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
इनका कहना हैै:
छात्रा की शिकायत मिली है। इस मामले में छात्रा के साथ प्राध्यापक का भी पक्ष सुना है। मामले की जानकारी कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय को दी है। पूरे मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरा महाविद्यालय प्रशासन जुटा हुआ है। कॉलेज स्तरीय समिति भी अपने स्तर पर जांच करा रही है।
डॉ. नीलम भार्गव, प्राचार्या, कन्या कॉलेज, सीकर
Published on:
27 Sept 2022 12:21 pm
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