सीकर. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शुक्रवार को सीकर श्रद्धांजलि स्वरूप बंद है। सुबह से ही व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान नहीं खोले हैं। जिससे बाजार पूरी तरह सूने दिखाई दे रहे हैं। उधर, राजकीय अवकाश होने पर स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय भी बंद है। जिससे पूरे शहर में सन्नाटा सा पसरा नजर आ रहा है। बंद का असर खंडेला, पलसाना, फतेहपुर समेत कमोबेश जिलेभर में देखने को मिल रहा है। व्यापारियों की ओर से सीकर के जाट बाजार में पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा।
सीकर. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शेखावाटी की धरती से गहरा जुड़ाव रहा। देशभर में जाटों का आंदोलन होने पर उन्होंने जाट आरक्षण की घोषणा के लिए भी शेखावाटी की धरती को चुना। वाजपेयी ने जनसंघ के दौरान जब देवी लाल ने लोकसभा का चुनाव लड़ा था, उस दौरान सीकर में खुली जीप में जनसम्पर्क कर रामलीला मैदान में आयोजित सभा को संबोधित किया था।
उसके बाद वर्ष 1999 में सुभाष महरिया ने सीकर से विधानसभा का चुनाव लड़ा तो वाजपेयी ने मंच से ही जाट आरक्षण की घोषणा की थी। जनसंघ के जुड़े 87 वर्षीय सूरजमल चेजारा का कहना है कि उस दौरान जाटों को आरक्षण की मांग प्रबल हो गई थी और मंच के नीचे बैठे घनश्याम तिवाड़ी और रामदास अग्रवाल ने एक पर्ची भेजी थी। जिसमें आरक्षण देने की बात लिखी थी, उसी समय वाजपेयी ने घोषणा कर दी थी।
भाभड़ा जी आप चुनाव कैसे हार गए
वर्ष 2004 के लोकसभा में चुनाव में जब वाजपेयी रतनगढ़ में सभा को संबोधित करने आए थे तो। हैलीपेड पर हरिशंकर भाभड़ा उनके स्वागत के लिए गए थे। जब वाजपेयी हेलीकॉप्टर से उतरकर आए तो उन्होंने भाभड़ा से पूछा की आप चुनाव कैसे हार गए। इस पर भाभड़ा ने कहा था कि वे मंच पर ही बताएंगे। इसके बाद सभा हुई। सभा में मंच पर भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे भी मौजूद थीं। भाभड़ा ने अपने भाषण में भाजपा की मुखिया की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जब मां ही अपने बच्चे को खाए तो बच्चे कैसे जिंदा रह सकते हैं।