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सीकर में रात को हो जाते है ये लोग सक्रिय अंधेरी गलियों में करते है गैर कानूनी धंधा

हालांकि गांव में शराब के कारोबार से जुड़े कई ठेकेदार हैं। पुलिस उनको बुलाकर भी पूछताछ करेगी।  

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 Illegal liquor

सीकर. सख्ताई के कारण अवैध शराब की सप्लाई का कारोबार रात के अंधेरे में संचालित हो रहा है। ताकि पुलिस को इसकी भनक नहीं लगे और यदि कभी सामना हो भी जाए तो सप्लायर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब हो सके। सोमवार रात दादिया पुलिस द्वारा अवैध शराब की धरपकड़ में भी सप्लाई होने जा रही अवैध शराब के 19 कार्टन तो पकड़ लिए। लेकिन, सप्लायर फिर अंधेरे में पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गए। जिनकी संख्या तीन बताई जा रही है। दादिया थानाधिकारी सुरेश चौहान ने बताया कि रात को बाबू खां के नेतृत्व में गश्त करने पुलिस जाब्ते को भेजा था।

रात करीब एक बजे तारपुरा गांव की सार्वजनिक पानी की टंकी के पास एक पिकअप आती दिखाई दी। जो कि, पुलिस की गाड़ी को देखते ही बैक जाने लगी। लेकिन, रास्ता सकड़ा होने के कारण पिकअप गाड़ी वहीं फंस गई और उसमें सवार लोग इधर-उधर भाग खड़े हुए। जिनकी तलाश की जा रही है। इधर, जब पिकअप की तलाशी ली तो उसमें अवैध देशी शराब के 19 कार्टन भरे हुए मिले। जिनको कब्जे में लेकर पता लगाया जा रहा है कि यह शराब कहां सप्लाई होने जा रही थी। हालांकि गांव में शराब के कारोबार से जुड़े कई ठेकेदार हैं। पुलिस उनको बुलाकर भी पूछताछ करेगी।

खेतों में हो गए गायब
पिकअप के नजदीक जाने पर पहले तो दो जने उतकर भागे। इसके बाद एक और युवक उसमें से उतरकर दौड़ पड़ा। पुलिस जाब्ते में शामिल नरेंद्र, देवीलाल व महावीर ने उनका पीछा भी किया। पहले तो वे लोग गांव की गलियों में पुलिस को गच्चा देते रहे। इसके बाद दूर निकलकर खेतों में गायब हो गए। मामले की जांच कर रहे एएसआई रामवतार का कहना है कि अवैध शराब की सप्लाई में सीकर के नंबरों की नई गाड़ी को ही उपयोग में लिया जा रहा था। मामले में पुलिस को एक नामजद आरोपित का सुराग लगा है। जिसको पकडऩे के लिए दबिश दी जा रही है।


बेपरवाह विभाग
सूत्रों का कहना है कि जिले में अवैध शराब की सप्लाई और ब्रिकी का कारोबार जोरों पर है। लेकिन, आबकारी विभाग इनसे अनजान बना हुआ है। छोटी-मोटी कार्रवाई के अलावा अभी तक इन मामलों में कोई बड़ी कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गई है।


टक्कर मारने के लिए लगाते हैं गाटर
जानकारी में आया है कि अवैध शराब की सप्लाई करने के लिए सप्लायर गाड़ी को विशेष तौर पर तैयार करके रखते हैं। जिनमें गाड़ी के आगे व पीछे लोहे का मजबूत गाटर अलग से फिट करवाते हैं। ताकि विपरित परिस्थिति में वे उनकी गाड़ी के सामने और पीछे से घेरने वाले वाहन को टक्कर मार कर फरार हो सकें। पिछली दफा पकड़ में आई गाडिय़ों में इसका खुलासा भी हो चुका है।