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बाबा श्याम के भक्त अपनी रिस्क पर ही खाटूधाम आएं…ये हैं जमीनी हकीकत

देश के टॉप मंदिरों में शामिल और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन में सर्वाधिक बढ़ोतरी वाली श्याम नगरी अब पर्यटन के हिसाब से न्यू डेस्टिनेशन बन गया है। लेकिन उसकी तुलना में सुविधाएं नगण्य है।

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सीकर

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kamlesh sharma

May 15, 2024

खाटूश्यामजी। देश के टॉप मंदिरों में शामिल और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन में सर्वाधिक बढ़ोतरी वाली श्याम नगरी अब पर्यटन के हिसाब से न्यू डेस्टिनेशन बन गया है। लेकिन उसकी तुलना में सुविधाएं नगण्य है। कहने को तो जिला प्रशासन सुविधाओं की बात कहता है। मगर हकीकत कोसों दूर है। देश-विदेश से आने वाले भक्तों को खाटू नगरी में प्रवेश करते ही पग-पग पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में पर्यटन विभाग ने आंकड़े जारी करते हुए खाटूश्यामजी मंदिर में वर्ष 2023 में 2.63 करोड़ श्रद्धालुओं के दर्शन को पहुंचने का दावा किया है। इससे श्याम मंदिर प्रदेश के प्रमुख पांच मंदिरों में टॉप वन पर पहुंच गया है। मार्च माह में भरे फाल्गुनी लक्खी मेले के 53 दिन बाद मेले की समीक्षा को लेकर सीकर जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी 15 मई को खाटू के मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेंगे।

चार साल में नहीं बना मास्टर प्लान

खाटूश्यामजी में 2019 में नगरपालिका का पहला बोर्ड बनने के बाद से अब तक डीएलबी पालिका क्षेत्र का मास्टर प्लान बना सकी। हालांकि इसको लेकर जिला व स्थानीय लेवल पर कई बैठके हो चुकी मगर कार्य धरातल पर नहीं आ सका। इसकी वजह से रिंग रोड, चौड़ी सड़क नहीं होने से रोज स्थानीय वासियों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दो साल से वैंडिंग जोन नहीं बना पाई पालिका


कस्बे के रास्ते अतिक्रमण मुक्त हो और ठेले-रेहड़ी वालों को रोजगार करने का पर्याप्त स्थान मिले, इसके लिए पूर्व व वर्तमान जिला कलक्टर ने नगर पालिका को वैंडिंग जोन बनाने को कहा था, मगर पालिका दो साल में वैंडिंग व नॉन वैंडिंग जोन नहीं बना पाई। इससे कस्बे में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

अलग से मिले जाप्ता, नई चौकी हो स्थापित


स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि खाटूश्यामजी प्रदेश के मंदिरों में भक्तों की आवक के हिसाब से पहले स्थान पर है। बावजूद यहां थाने में पर्याप्त जाप्ता नहीं है और जो है वह वीवीआईपी दर्शन सहित मुकदमों की जांच आदि में लगा रहता है। ऐसे में यहां नई चौकी स्थापित हो। वहीं एक आरएससी की बटालियन भी हो। बिगड़ी यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए अलग से थाना बने।

आरएएस कैडर के अधिकारी हों नियुक्त


खाटूधाम में वीवीआईपी मूवमेंट एवं श्रद्धालुओं व आमजन की समस्यों को लेकर यहां पर स्थाई आरएएस केडर के अधिकारी की स्थाई नियुक्ति होनी जरूरी है। क्योंकि यहां महीने में कई बार वीवीआईपी लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में जिला कलक्टर, एसपी, सहित प्रशासनिक अधिकारियों को आना होता है। यहां आरएएस अधिकारी की नियुक्ति से प्रोटोकॉल के लिए जिला मुयालय से आने वाले अधिकारियों को भी परेशानी नहीं होगी।

ये हैं जमीनी हकीकत


ई-रिक्शा पर निर्देश: मालिक ही रिक्शा चलाएगा और उसके पास रिक्शा के कागजाद व ड्राइवरिंग लाइसेंस सहित समिति द्वारा जारी किए पंजियन नंबर और चालक के मोबाइल नंबर रिक्शे पर होना अनिवार्य है। रिक्शा चालक प्रति सवारी 20 रूपए और पूरे रिक्शे के 100 रूपए ही किराया ले सकेगा।

नतीजा: खाटू में बिना पंजीयन के रिक्शा सरपट दौड़ रहे है। नाबालिग भी बैखोफ होकर रिक्शा चला रहे है। मंदिर के प्रवेश और निकासी मार्ग सहित भीड़ भाड़ वाले रास्तों पर ई-रिक्शा की भरमार है। इससे रोज हादसे हो रहे हैं

निजी रूट की बसों व टैक्सी गाड़ियों को निर्देश: रोडवेज बस स्टैंड की 150 मीटर परिधी में निजी रूट की बसों व टैक्सी गाड़ियों को खड़े नहीं रहने और आरटीओं विभाग को कार्रवाई के के निर्देश दिए गए थे

नतीजा: रोडवेज बस स्टैंड से सटकर खड़ी रहती है निजी रूट की बसें व टैक्सी गाड़ियां। आरटीओ की कार्रवाई का भी इन पर कोई असर नहीं दिखा

चार रास्तों पर चेन व पॉल लगाने के निर्देश: कस्बे के अंदर गाड़ी व ई-रिक्शा का प्रवेश ना हो पालिका को मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने मंदिर जाने वाले रास्ते पर वाहनों व ई रिक्शा को रोकने के लिए चेन लगाने, मस्जिद के पास, शिव मंदिर के सामने तिवाड़ी मोहल्लेे वाली गली, राउमावि के पास से पशु चिकित्सालय के पास की सकड़ी गली पर ई रिक्शा व वाहनों को रोकने के लिए सड़क के बीच पोल लगाने के निर्देश दिए।

नतीजा: केवल पशु चिकित्सालय के पास वाली गली में पोल लगाए। बाकी स्थानों पर बेरोकटोक वाहनों की आवाजाही हो रही है।

ये बोले जिमेदार…

सरकार अयोध्या और काशी विश्वनाथ की तरह खाटूश्यामजी में कोरिडोर बनाना चाह रही है। पर्यटकों की सहायता के लिए पर्यटन पुलिस आदि सुविधा बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार तक पहुंचाने के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।

अनु शर्मा, सहायक निदेशक, पर्यटन विभाग सीकर

एक्सपर्ट व्यू: बुनियादी सुविधाओं का अभाव

धार्मिक पर्यटन के हिसाब से खाटूश्याम मंदिर का नाम अब देश की टॉप डेस्टीनेशन के तौर पर लिया जा रहा है। यहां पिछले वर्ष सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे हैं। वहां जाने के लिए कनेक्टिटी तो ठीक है लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। इसके अलावा संकेतक नहीं होने के कारण देश विदेश से आने वाले पर्यटक मंदिर जाने का रास्ता पूछते रहते हैं। सरकार को यहां सुविधाओं का विस्तार करना चाहिए।

संजय कौशिक, पर्यटन विशेषज्ञ