
सीकर.
रींगस के भैरू बाबा का वार्षिक लक्खी मेला शनिवार मध्य रात्रि से शुरू हुआ। बाबा के दरबार में देश के कोने-कोने से भक्त आकर अपनी हाजिरी लगाते है। कोई भक्त जात-जुड़ेले के लिए आता है, तो कोई अपनी मन्नत मांगने। इस दौरान भक्त स्थित भैरू बाबा की पवित्र जोहड़ी में स्नान भी करते है। रविवार को भैरू बाबा का वार्षिक लक्खी मेला पूरे परवान पर रहा। लेकिन पशु बलि निषेध होने के बावजूद भी यहां पशुओं की बली दी जा रही है।
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जिला कलक्टर के आदेश के बावजूद आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही है। ना तो देखने वाला प्रशासन है, ना ही भक्त इस बात को समझ रहे है। जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन की ओर से मेले में आने वाले भक्तों के लिए किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई। आलम यह है कि गर्मी के कारण भक्तों के साथ आए बच्चों को काभी परेशानी हो रही है। लम्बी-लम्बी कतारों में लगे भक्त अपनी बारी का इंतजार कर रहे है। मेले में भले ही प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं कि हो, लेकिन सूर्य मंडल समाज सेवा समिति एवं स्काउट गाइड ने मौके पर व्यवस्था मोर्चा संभालकर रखा है।
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खुलेआम दी जा रही हे पशुओं की बलि
एक तरफ मेले में भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मंदिर के द्वार पर शीश झुकाते है। तो दूसरी तरफ बेजुबान जानवरों की बलि देकर स्वयं के लिए प्रार्थना करते है। इस प्रथा को प्रशासन ने 3 साल पहले बंद कर दिया था। लेकिन शनिवार मध्य रात्रि से शुरू हुए इस मेेले में पशुओं की बलि दी जाने लगी। सूचना पर पहुंची प्रशासन टीम और पुलिस ने इसको रुकवाया।
Published on:
27 Aug 2017 04:19 pm
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