25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा से मुख्यमंत्री रहे भैरोसिंह शेखावत के क्षेत्र में ही भाजपा को खाता खुलने का इंतजार

rajasthn assembly election: सियासत बहुरंगी व अतरंगी होती है। जो कई रंगो के साथ रोचकता भी लिए होती है। ऐसा ही एक दिलचस्प रंग दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, जो भाजपा को 45 साल से साल रहा है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Sachin Mathur

Nov 20, 2023

भाजपा से मुख्यमंत्री रहे भैरोसिंह शेखावत के क्षेत्र में ही भाजपा को खाता खुलने का इंतजार

भाजपा से मुख्यमंत्री रहे भैरोसिंह शेखावत के क्षेत्र में ही भाजपा को खाता खुलने का इंतजार

सियासत बहुरंगी व अतरंगी होती है। जो कई रंगो के साथ रोचकता भी लिए होती है। ऐसा ही एक दिलचस्प रंग दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, जो भाजपा को 45 साल से साल रहा है। दरअसल जिस दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भैरोंसिंह शेखावत को भाजपा तीन बार मुख्यमंत्री बना चुकी है, उसी में पार्टी अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाई है। दो मुकाबलों में तो भाजपा जीत की दहलीज के पास से हार का मुंह देखकर लौट चुकी है। ऐसे में इस बार पार्टी यहां जीत का खाता खोलने के लिए नए चेहरे के साथ फिर पुरजोर कोशिश में है। वहीं, कांग्रेस व माकपा के अलावा जेजेपी नेे मुकाबले को इस बार भी बहुकोणीय बना दिया है।

दो बार कम अंतर से चूकी भाजपा
दांतारामगढ़ में भाजपा दो बार मामूली अंतर से जीत का स्वाद चखने से चूक चुकी है। 2013 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हरीश कुमावत कांग्रेस उम्मीदवार नारायण सिंह से 575 मत ही पीछे रहे थे। इसी तरह 2018 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह के सामनेे कुमावत 920 मतों के अंतर से पराजित हुए।

भैरोंसिंह शेखावात जीते थे पहला चुनाव
भाजपा से प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे भैरोसिंह शेखावत ने दांतारामगढ़ विधानसभा से ही 1952 का पहला चुनाव जीता था। पर खाचरियावास निवासी शेखावत उस समय जनसंघ से उम्मीदवार थे। इसके बाद उन्होंने दांतारामगढ़ से कभी चुनाव नहीं लड़ा। अन्य उम्मीदवार भाजपा की चुनावी नैया पार करने में नाकामयाब रहे।

नए उम्मीदवार के साथ भाजपा, कांग्रेस- जेजेपी से पति- पत्नी मैदान में

हरीश कुमावत के निधन के बाद भाजपा ने इस बार यहां नए चेहरे गजानंद कुमावत पर दाव खेला है। जिनके सामने कांग्रेस से मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह और माकपा नेता अमराराम की बड़ी चुनौती है। इधर, विधायक वीरेंद्र सिंह की पत्नी रीटा सिंह के जेजेपी से चुनावी ताल ठोकने पर मुकाबला जातिय गणित को लेकर ज्यादा रोचक हो गया है।
आठ बार जीती कांग्रेस
अब तक के 15 विधानसभा चुनाव में दांतारामगढ़ में कांग्रेस आठ बार जीत चुकी है। जबकि राम राज्य परिषद तीन, जनसंघ, जनता दल, माकपा व निर्दलीय एक- एक बार चुनाव जीत चुके हैं।

अब तक ये रहे विजेता

1952 भैरोंसिंह शेखावत जनसंघ
1957 मदन सिंह आरआरपी 1962 मदन सिंह आरआरपी
1967 मदन सिंह आरआरपी 1972 नारायण सिंह कांग्रेस

1977 मदन सिंह निर्दलीय
1980 नारायण सिंह कांग्रेस

1985 नारायण सिंह कांग्रेस
1990 अजय सिंह जनता दल

1993 नारायण सिंह कांग्रेस
1998 नारायण सिंह कांग्रेस

2003 नारायण सिंह कांग्रेस
2008 अमराराम माकपा

2013 नारायण सिंह कांग्रेस
2018 वीरेंद्र सिंह कांग्रेस

बड़ी खबरें

View All

सीकर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग