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इस खूबसूरत जोड़े की शादी में वर-वधू पक्ष करेगा बेहद नेक काम, शायद ऐसा पहले कहीं नहीं हुआ

सीकर जिले के दांता में एक शादी समारोह का आगाज रक्तदान के साथ होगा।

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Danta marriage

दांतारामगढ़. सीकर जिले के दांता में एक शादी समारोह का आगाज रक्तदान के साथ होगा। इतना ही नहीं परिणय सूत्र में बंधने वाले दम्पत्ती आठवां फेरा रक्तदान का लेंगे। किसी शादी समारोह में रक्तदान शिविर का यह अनूठा उदाहरण होगा। अनूठे समारोह के हजारों लोग साक्षी बनेंगे।


रक्तदान के साथ अनूठा शादी समारोह दांता के कुमावत परिवार में हो रहा है। दांता के भंवरलाल सिरस्वा के पौत्र एवं यादराम कुमावत के पुत्र सोनू आठ दिसम्बर को ड्योढ़ी कोठी (जोबनेर) निवासी हनुमान सहाय किरोड़ीवाल की पुत्री किरण के संग सात फेरों के बंधन में बंधने जा रहा है। आठवा फेरा वह रक्तदान का लेगा। शादी से पहले दांता में यादराम कुमावत के यहां शादी समारोह होगा जिसका आगाज रक्तदान से होगा। समारोह में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। शिविर संयोजक राजेन्द्र कुमावत ने बताया कि गार्डन में सगाई समारोह सुबह 11 बजे होगा। इससे पूर्व प्रात: नौ बजे से रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। सह संयोजक मनोज शर्मा (नादी) ने बताया कि आर.जे. ब्लड हैल्पलाइन के सहयोग से जयपुर की एसएमएस की टीम रक्त संग्रहण करेगी।


प्लास्टिक मुक्त शादी
अनूठी पहल के साथ शादी करने वाले इसी परिवार व इसी गोविन्द मैरिज गार्डन में 20 नवम्बर को भी नरेश व कैलाश की शादी का समारोह था। करीब आठ हजार लोगों के स्नेहभोज में प्लास्टिक के कप गिलास काम में नहीं लेकर पूरा समारोह प्लास्टिक मुक्त रखा गया। इतना ही नहीं दुल्हे के पिता एडवोकेट राजेश चेजारा ने भोज का शुभारम्भ भी सरकारी स्कूल की पांच सौ बालिकाओं को भोजन करवाकर किया था।

वर तथा वधु पक्ष के लोग बने गवाह


सीकर. फतेहपुर रोड पर गुलाबजी की कोठी के पास सोमवार को एक विवाह समारोह भी चर्चा का विषय बना रहा। शादी के बंधन में बंधने से पहले वरमाला डालने के दौरान दुल्हन व दूल्हा ने मौजूद लोगों को बेटी बचाने का संकल्प दिलाया। ब्रांड एंबेसेडर अभिलाषा के नेतृत्व में बाराती सहित वधु पक्ष के लोगों को शपथ भी दिलाई कि वे कभी कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध में शामिल नहीं होंगे और बेटों की तरह बेटियों को भी उनकी इच्छानुसार पढ़ाएंगे-लिखाएंगे।

एमए फाइनल कर रही दुल्हन रजनी व आर्मी में ट्रेनर दूल्हे कमलेश का कहना था कि वरमाला डालने से पहले सभी को दी गई सीख ताउम्र याद रहेगी। बेटियों की घट रही संख्या और महिला अपराध के बढ़ रहे मामले इस बात के गवाह हैं कि बेटियों के प्रति सोच को बदलना होगा। रजनी के चाचा हरिराम ने बताया कि संकल्प के लिए शादी से पहले रूप रेखा तैयार कर ली गई थी। कार्यक्रम में कलक्टर, डीएफओ, महिला बाल विकास के डीडी आदि मौजूद रहे।