
सीकर. शेखावाटी में अबूझ सावा और श्रेष्ठ मुहूर्त की तिथि अक्षय तृतीया बुधवार को मनाई गई। अक्षय तृतीया पर मांगलिक कार्य जहां विशेष फलदायी रहे, वहीं अबूझ मुहूर्त में शादियों की भी धूम रही।ववाह के आयोजनों की भी धूम रही शहर के सभी विवाह स्थल पहले से बुक थे। इसके साथ ही बाजारों में आभूषण, वस्त्र व विवाह से संबंधित सामानों की बिक्री हुई। कई जगह सामूहिक विवाह हुए। मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। वहीं शादियों में लाडो की घोड़ी पर बिन्दौरी का भी अच्छा क्रेज रहा हर तरफ लाडो की बिन्दौरी निकालने की होड़ मची हुई थी जिसमे परिजनों ने भी बेटियों के सम्मान के प्रति यही संदेश दिया म्हारी छोरियां के छोरों से कम है के रतनगढ़. कस्बे व गांव देराजसर में दो बेटियों घोड़ी व रथ पर बैठाकर बंदौरी निकाली गई। रतनगढ़ में चूरू फाटक क्षेत्र निवासी चौथूराम माली की पौत्री व राधाकृष्ण की बेटी डा. मोनिका सैनी को रथ पर बैठाकर बंदौरी निकाली।

तारपुरा. माता सावित्री देवी व पिता गुलाबचन्द कुमावत ने बेटा बेटी एक समान व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के संदेश देते हुए अपनी बेटी योगिता की बिंदौरी निकाली।

लाडो को बिंदौरी निकालीगांव देराजसर में सरपंच कमलादेवी बीरड़ा ने पुत्री बबीता को घोड़ी पर बैठाकर बंदौरी निकाली। इस मौके पर दादा मघाराम, पिता भंवरलाल, नानूराम बीरड़ा आदि मौजूद थे।

लक्ष्मणगढ़. हापास गांव में लाडो सुमित्रा ढाका की बिंदौरी निकाली गई। सुमित्रा के पिता का स्वर्गवास हो चुका था। भाई रामचंद्र सिंह व माता भगवती देवी ने सुमित्रा पालन पोषण किया है।

गणेश्वर.गांवड़ी क्षेत्र की ढ़ाणी रामाला में बुधवार को नरेगा मजदूर सूरजाराम सैनी ने पत्नी ममता सैनी की प्रेरणा से इकलौती लाडो को घोड़ी पर बैठाकर बिंदौरी निकाली। इस दौरान लोगों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया

पनलावा गांव में मोनिका बिजाराणियां की बिन्दौरी निकाली गई। इस दौरान ग्रामीण बिन्दौरी में उत्साह से शरीक हुए। यह जानकारी श्रीराम बिजाराणियां, सुरेन्द्र फौजी व रीना ने दी।