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सुभाष बानूड़ा के लिए आई थी डेढ साल पहले पकड़ी गई कारबाइन

  राज्य में अपराधियों से कारबाइन मिलने का पहला था मामला, अब और भी राज खुलने की उम्मीद

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सुभाष बानूड़ा के लिए आई थी डेढ साल पहले पकड़ी गई कारबाइन


सीकर. तीन दिन पहले चूरू में पकड़े गए सुभाष बानूड़ा व उसके साथी ने पुलिस पूछताछ में एसी बात बताई कि पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस की पूछताछ में सुभाष ने बताया कि करीब डेढ साल पहले सीकर में धोद रोड पर एक वर्ष पहले पकड़ी गई कारबाइन और हथियारों का जखीरा अपराधी रहे बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष के लिए आया था। गौरतलब है कि राजस्थान में यह पहला मामला था कि किसी अपराधी से कारबाइन जैसा अत्याधुनिक व घातक हथियार बरामद किया गया था। पुलिस को सुभाष बानूड़ा ने बताया कि हथियारों का जखीरा लाने वाला मनोज नाम का व्यक्ति था।
सुभाष बानूड़ा ने पुलिस को बताया है कि जेल में बंद सुभाष बराल के कहने पर ही मनोज हथियार लेकर आया था। यह हथियार पुलिस ने जब्त कर लिए। हालांकि अभी तक उसने यह नहीं बताया है कि इन हथियारों का वह कहां पर उपयोग करने वाला था। पुलिस अब मनोज की पहचान करने में जुटी है। साथ ही गिरोह के दूसरे लोगों के बारे में भी पता करवाया जा रहा है। पुलिस अब बलबीर बानूड़ा के हथियारों के बारे में भी सुभाष से पूछताछ कर रही है।
चार सौ कारतूसों व हथियारों
का जखीरा पकड़ा था
सीकर पुलिस ने गत वर्ष २० मार्च को धोद रोड पर दो बदमाशों को पकड़ा था। इसमें नरेश व चंद्रभान नाम के दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक कारबाइन, एक रिवाल्वर, छह आधुनिक पिस्टल और चार सौ कारतूसों का जखीरा बरामद किया था। नरेश और चंद्रभान तडक़े तीन बजे बाइक पर थैले में हथियार भरकर धोद रोड पर सीकर की तरफ आ रहे थे। पुलिस को देखकर बाइक को तेज गति से भगाई और बाद में विपरीत दिशा में घुमाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कारबाइन, एक रिवाल्वर, पांच पिस्टल, पिस्टल की सात छोटी व दो बड़ी मैगजीन चार सौ से ज्यादा कारतूस बरामद किए थे।