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टूटी सड़क दे रही दर्द, नैनिहालों को राहत कब

काम की रफ्तार धीमी होने से समर्थपुरा के साथ राधाकिशनपुरा इलाके के लोग परेशान

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सीकर

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Ajay Sharma

Jun 05, 2023

टूटी सड़क दे रही दर्द, नैनिहालों को राहत कब

शहरी सरकार की लापरवाही बढ़ा रही मर्ज

शिक्षानगरी में लगातार जारी सीवरेज, सड़क निर्माण और ड्रेनेज के काम की धीमी रफ्तार अब आमजन के साथ विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ा रही है। समर्थपुरा व राधाकिशनपुरा जोन में जारी कार्य से लोगों को दूसरे गली-मौहल्लों से जाना पड़ रहा है। इलाके के लोगों ने बताया कि सीवरेज के लिए जो सड़क खोदी वह अभी तक ठीक नहीं हुई है। लोगों ने बताया कि सीवरेज के बाहर निकले चैम्बरों की वजह से लगातार हादसे भी हो रहे हैं। इधर, पिपराली रोड इलाके में फुटपाथ निर्माण के लिए जारी काम की रफ्तार भी धीमी होने की वजह से दिनभर के जाम के हालात बने रहते हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ शिक्षानगरी में लगातार विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। दूसरी तरफ सुविधा विस्तार में शहरी सरकार काफी पिछड़ी हुई है। इस मामले में विद्यार्थियों ने भी नाराजगी जताई है।


टूटी सड़कें, गहरे गडढ़े दे रही कमर को झटका
शहर में बारिश से छलनी हुई सड़कें राहगीरों के एक बड़ी मुसीबत का कारण बन गई है। गड़ढों में वाहन चलाने के लिए हड्डी रोग के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल यह है कि शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जिस पर बिना रोकथाम के वाहन चलाया जा सके। इसका नतीजा है कि हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास रोजाना एक दर्जन से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। वहीं फिजियोथैरेपी और दवाएं लेनेे के लिए मरीजों को घंटो लाइन में लगकर उपचार लेना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों का आंकड़ा जोड़ा जाए तो यह संख्या कई गुना बढ़ सकती है। चिकित्सकों के अनुसार गड्ढों से बार-बार निकलने पर रीढ़ की हड्डी पर दबाव से कई परेशानियां पैदा हो रहीं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इससे बैक पेन, स्लिप डिस्क, गर्दन एवं कलाई में दर्द सहित हड्डियों से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं तो रीढ़ की हड्डी प्रभावित होने से पूरा स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।

यूं समझें परेशानी
शरीर रीढ़ की हड्डी पर टिका है। बाइक चलाने पर शरीर का पूरा दबाव कमर और गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर आ जाता है। सड़कों पर अधिक गड्ढे होने या खस्ताहाल होने पर झटके लगते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है। इसके अलावा कंधों के जोड़ और कलाई पर भी जोर पड़ता है। इससे कलाई में दर्द हो सकता है तो यदि गड्ढे अधिक गहरे और बड़े हों और गाड़ी की स्पीड अधिक हो तो कंधे वाली जोड़ की हड्डी खिसक सकती है। फिलहाल सड़क पर गड्ढे होने का सबसे अधिक असर रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर होता है। इस वजह से कमर, गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा बैक किक भी हो सकती है। ऐसा होने पर कमर के अलावा शरीर के निचले हिस्सों में दर्द होने लगता है, इसके चलते सीधा खड़ा होना या झुकना मुश्किल हो जाता है।

स्लिप ***** की समस्या
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज बुढ़ानिया ने बताया कि गाड़ी चलाने के दौरान झटका लगने से रीढ़ की हड्डी से ***** बाहर निकल आती है और स्पाइनल कॉर्ड दबने लगता है। इस कारण पैरों में झनझनाहट होती है। गड्ढों के कारण तेज झटका लगने से पैरों में लकवा तक हो सकता है। वाहन चलाने से तेज झटका लगता है, जिससे सिर्फ स्लिप ***** ही नहीं बल्कि सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस की समस्या होने की आशंका भी बढ़ जाती हैं। कई बार स्लिप ***** की समस्या इतनी अधिक बढ़ जाती है कि मरीज का ऑपरेशन तक करना पड़ता है। इलाज में देरी करने से हाथ, पैर सुन्न होने के साथ चक्कर आने जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

यह रखें सावधानी
ज्यादा नीचे न झुकें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें। जमीन पर उकड़ू बनकर न बैठें, बैठते समय शरीर को सीधा रखें। स्लिप ***** होने पर वेस्टर्न टॉयलेट का उपयोग करें। वाहन चलाते समय पूरी तरह सतर्क रहें, स्पीड धीमी रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। कार का सफर करते समय पीठ के पीछे अतिरिक्त कुशन का उपयोग करना चाहिए। कार चलाते समय चालक के साथ यात्रियों को भी सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करना चाहिए। दोपहिया वाहन चलाते समय सभी लोग हेलमेट जरूर पहनें और बाइक पर बैठने पहनें।


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