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भाई ने शराब की बोतल से वार कर किया भाई का मर्डर, मोबाइल ने खोला था पूरा राज

वर्ष 2016 में दादिया इलाके के गुंगारा में हुए इस मामले में आरोपित की गिरफ्तारी में मोबाइल कॉल डिटेल और पदचिह्न का मिलान प्रमुख आधार रहा।

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सीकर.

अपर सेशन न्यायाधीश क्रम चार सुरेन्द्र पुरोहित ने शराब की बोतल का सिर में वारकर ममेरे भाई की हत्या करने के आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2016 में दादिया इलाके के गुंगारा में हुए इस मामले में आरोपित की गिरफ्तारी में मोबाइल कॉल डिटेल और पदचिह्न का मिलान प्रमुख आधार रहा।

आरोपित झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के गांव इंद्रपुरा का निवासी महेश कुमार जाट है। प्रकरण के अनुसार गुंगारा निवासी प्रमेन्द्र का शव 26 अप्रेल, 2016 को गांव में ही रोड किनारे पड़ा मिला था। शव के पास शराब की खाली बोतल पड़ी थी। शव के पास बाइक के निशान थे। इस पर पुलिस ने मौका मुआयना किया।

इस पर प्रमेन्द्र के चाचा गणपतराम ने पुलिस को बताया कि प्रमेन्द्र मजदूरी करता था। 25 अप्रेल को रात करीब आठ बजे वह घर आया। उस दौरान प्रमेन्द्र के मोबाइल पर किसी का कॉल आया था। इस पर वह कुछ देर में वापस आने की बात कहकर घर से निकल गया। इसके बाद वह घर नहीं आया।


पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर आरोपित महेश जाट को गिरफ्तार कर जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाहों के बयान और 64 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। न्यायालय ने आरोपित महेश को आजीवन कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रमेश पारीक ने पैरवी की।

एफएसएल में हुआ पदचिह्न का मिलान

हत्या के इस मामले में पुलिस को मौके पर किसी तरह का सबूत नहीं मिला। मामले में पुलिस को मोबाइल कॉल डिटेल से राह मिली। पुलिस की एमओबी टीम ने प्रमेन्द्र के शव के पास से आरोपित के पदचिह्न भी उठाए गए थे। पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के बाद उसके जूते बरामद किए तो पदचिह्न का मिलान हो गया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भी पदचिह्न का मिलान हो गया। न्यायालय में सजा का भी यह प्रमुख आधार रहा।