1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

#CAMPAIGN: खुद की लापरवाही ही खुद की जान पर पड़ रही है भारी, यह रिपोर्ट आपको भी चौंका देगी…

सीकर में मौसम की बेईमानी दुर्घटनाओं का कारण नहीं है। यहां तो आदमी की लापरवाही से साफ मौसम और तेज गर्मी में ज्यादा वाहन भिड़ रहे हैं।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

dinesh rathore

•

Updated: 31 Jul 2017, 11:54 AM IST

सीकर में मौसम की बेईमानी दुर्घटनाओं का कारण नहीं है। यहां तो आदमी की लापरवाही से साफ मौसम और तेज गर्मी में ज्यादा वाहन भिड़ रहे हैं। गत वर्ष हुए 956 हादसों में से 568 सड़क हादसे साफ मौसम में हुए हैं। इसके बाद तेज गर्मी के समय 159 हादसे हुए हैं। गर्म मौसम में गाड़ी में एसी चलाकर दौड़ाना खतरे से खाली नहीं है। इससे बाहर के मौसम और गाड़ी की गति दोनों का अंदाजा नहीं रहता। जो हादसे का बड़ा कारण है। जानकारों का मानना है कि भीड़भाड़ के क्षेत्र में तो व्यक्ति तय गति से गाड़ी चलाता है लेकिन भीड़ होते ही गति बढ़ जाती है। एेसे में किसी वाहन के सामने आने पर गाड़ी पर नियंत्रण नही रह पता।

Must read:

#EXCLUSIVE: कमांडो खुशी और हर्ष बचाएंगे मलेरिया से, प्रदेश में चिकित्सा विभाग की नई पहल...

16 बाइक जब्त

बढ़ते सड़क हादसों की स्थिति को देखते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार को 16 तेज रफ्तार बाइकर्स पर कार्रवाई की है। एसआई अभय सिंह ने बताया कि इन बाइकों को जब्त व चालान किया गया है। पुलिस की लगातार कोशिश है कि चालान व जुर्माने के जरिये सड़क हादसों पर लगाम लगायी जाए।

Must read:

सीकर शहर में चल रहा था सट्टे का बड़ा कारोबार, देर रात पुलिस ने छापा मारा तो सामने आई हकीकत...

नहीं बदल रही स्थिति

सड़क हादसों की स्थिति में इस वर्ष भी बदलाव नहीं आया है। इस वर्ष जनवरी से जून माह तक के हादसों पर नजर डाली जाए तो सामने आता है कि 347 सड़क हादसे साफ मौसम में हुए हैं। बरसात के दौरान महज 37 और धुंध के समय 48 हादसे हुए हैं।