
बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नवाचार
विद्यार्थियों में मानसिक तनाव, घबराहट और अवसाद को दूर करने के लिए सीबीएसई जनवरी-फरवरी में काउंसलिंग शुरू करेगा। इसके लिए विभिन्न स्कूल के विषय विशेषज्ञों, प्राचार्यों और मनोविज्ञानियों का पैनल बनाया गया है। इनसे विद्यार्थी टोल-फ्री अथवा सीबीएसई के फोन नम्बर, ई-मेल पर संपर्क कर सकेंगे।सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 15 फरवरी से प्रारंभ होंगी। परीक्षा से पहले एवं परीक्षा के दौरान कई विद्यार्थी तनावग्रस्त रहते हैं। परीक्षा को लेकर घबराहट, भूख कम लगना, विभिन्न विषयों को लेकर तकनीकी समस्याएं, अंकों का दबाव जैसे कारण शामिल होते हैं। बोर्ड विद्यार्थियों की मदद के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेगा।
विशेषज्ञों के पैनल तैयार
विद्यार्थियों को परीक्षा की योजनाबद्ध तैयार सहित तनाव और दबाव को कम करने जैसे परामर्श देने के लिए जनवरी-फरवरी में काउंसलिंग शुरू होगी। विषयवार विशेषज्ञों के पैनल बन चुके हैं। कई स्कूल के प्राचार्यों, शिक्षकों, विशेषज्ञों और मनोविज्ञानियों को इससे जोड़ा गया है। विद्यार्थी मोबाइल, लैडलाइन अथवा टोल फ्री नम्बर पर विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे।
मई में जारी होंगे परिणाम
दसवीं और बारहवीं के नतीजे मई के पहले अथवा दूसरे पखवाड़े में जारी होंगे। इस बार दसवीं की परीक्षाएं 13 मार्च बारहवीं परीक्षाएं 2 अप्रेल को खत्म हो जाएंगी। लिहाजा बोर्ड को कॉपियों के मूल्यांकन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जनवरी अंत अथवा फरवरी में अपलोड किए जाएंगे।
कॉपियां अपलोड करना बंद
सीबीएसई ने पांच साल पहले श्रेष्ठ और टॉपर विद्यार्थियों की जंची हुई कॉपियां वेबसाइट पर अपलोड करना शुरू किया था। इससे विद्यार्थियों को कॉपियों में अंक हासिल करने, उत्तर देने की तकनीक की जानकारी मिलती थी। बाद में बोर्ड ने इसे बंद कर दिया।
Published on:
01 Jan 2024 12:34 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
