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अपराधी गलती से भी इस कैमरे के सामने से गुजरा तो ये फोटो खींचकर तुरंत पुलिस को भेज देगा

स्मार्ट कैमरे का निर्माण पिलानी स्थित राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियान्त्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) ने किया है।

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उत्पल शर्मा/पिलानी.
नित नए अनुसंधान के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हो रहे सीरी पिलानी के वैज्ञानिकों ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है। शौचालय में बदबू आने पर घंटी बजने की तकनीक इजाद करने के बाद सीरी पिलानी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्मार्ट कैमरा बनाया है, जो सीसीटीवी कैमरे की तर्ज पर काम करेगा। इसकी खास बात यह रहेगी कि संदिग्ध अपराधी अगर गलती से भी इस स्मार्ट कैमरे की जद में आ गया तो ये तुरंत उसकी फोटो खींचकर पुलिस को भेज देगा।

अब तक चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरे एक समय तक ही किसी भी रिकॉर्डिंग के आधार पर उसमें कैद फोटो को सुरक्षित रख सकते थे, लेकिन आने वाले निकट भविष्य में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति फिर से कैमरे की जद में आया तो स्वत: ही उसकी सूचना एवं फोटो पुलिस तक पहुंच जाएगा।

इस स्मार्ट कैमरे का निर्माण हाल ही में झुंझुनूं की शिक्षा नगरी पिलानी स्थित सीएसआईआर की राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियान्त्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के वैज्ञानिकों ने किया है। यह स्मार्ट कैमरा अब तक के अपने सभी प्रयोगों में सफल रहा है।

इस स्मार्ट कैमरे से रक्षा तथा आपराधिक अनुसंधान के क्षेत्र से जुड़े लोगे को काफी उम्मीदें है। इसकी सफलता से प्रभावित हो कर पिछले दिनों एक प्रतिष्ठत अंतरराष्ट्रीय संस्था स्कॉच फाउंडेशन ने स्मार्ट कैमरा विकसित करने वाली टीम को पुरस्कृत भी किया था।अब इस तकनीक को एक स्वदेशी कम्पनी के साथ मिल कर आगे बढ़ाया जा रहा है।

यह होगा विशेष
जो सार्वजनिक स्थलों पर घूमने वाले अवांछित और आपराधिक लोगों की सूचना पुलिस आदि को देगा। स्मार्ट कैमरा बनाने वाली टीम प्रभारी वैज्ञानिक डॉ संजय सिंह के अनुसार इस हाई पावर सेंसर वाले स्मार्ट कैमरे का उपयोग देश की सीमाओं, हवाई हड्डों, रेल्वे स्टेशनों, बंदरगाहो, बस स्टैण्डों तथा सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की भांति प्रयोग में लाया जाता है। यह स्मार्ट कैमरा लगाए गये स्थानों से प्रत्येक मूवमेंट को तो रिकॉर्ड करता ही है।


सेव रहती है मैमोरी
वैज्ञानिक बताते हैं कि सार्वजनिक स्थलों पर लगे कैमरों में लगातार रिकार्डिंग होने से इस में स्पेस कम पड़ता रहता है जिसके कारण पहले की रिकार्डिग स्वत: ही डिलिट होती रहती है। जबकि इस स्मार्ट कैमरे में मेमोरी की भी बचत होगी।

मैमोरी से निकाल कर बता देगा चेहरा
इस की खास बात यह है कि यह पुलिस से बचने के लिए भाग रहे आपराधिक लोगों पर निगरानी भी रखता है। इस में वांछित आपराधिक लोगों की फोटो को अपनी मेमोरी में सेव कर लेता है तथा जब भी संबंधित व्यक्ति कैमरे की रेंज में आता है को कैमरा अपनी मेमोरी में सेव किए गये फोटो से उस का मिलान करता है तथा सत्तर प्रतिशत तक चेहरा मिलने पर सूचना पुलिस के देता है। समय पर मिली सूचना पर पुलिस कार्यवाही कर सकती है।

ड्रोन में भी हो सकेगा प्रयोग
विशिष्ट उद्देश्यों के लिए इस कैमरे का प्रयोग ड्रोन में भी किया जा सकता है। स्मार्ट कैमरा ड्रोन में लगाने पर यह अच्छी क्वालिटी के वीडिय़ो के साथ साथ उस स्थान की आकृति को भी ट्रैक करता है तथा उसकी लोकेशन की सूचना तथा चित्र पुलिस को भेजता है।

फेस रिडिंग पर भी जारी है अनुसंधान
डॉ. संजय सिंह बताते हैं कि उनकी टीम ने इस स्मार्ट कैमरे से मानव या पशु की गतिविधियों की चहल पहल के अलावा चेहरे के हाव भाव फेस रीडिंग आदि को पढऩे में सक्षम करने में अनुसंधान कर रहे हैं।