
सीकर में बढ़ रहा लाइब्रेरी में पढ़ाई का क्रेज
सीकर. नई दिल्ली के मुखर्जी नगर, रोहिणी, राजधानी जयपुर व जोधपुर की तर्ज पर अब सीकर में भी लाइब्रेरी का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। चंद माह में ही सीकर में करीब ढाई सौ से ज्यादा लाइब्रेरी खुल गई है। विद्यार्थियों को एकांत व शांत माहौल में पढ़ाई के लिए लाइब्रेरियों ने नया विकल्प दे दिया है। हर लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उमड़ रहे हैं। वे कई घंटों तक पढ़ाई कर रहे हैं।
विद्यार्थियों को वहां पुस्तकें तो नहीं मिलती लेकिन वाईफाई की सुविधा जरूर मिल रही है। यहां विद्यार्थी खुद ही अपनी पुस्तकें लेकर जाते हैं। कुछ लाइब्रेरियों में जरूर पुस्तकों की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इनकी संख्या कम है। अधिकतर लाइब्रेरी ऐसी जगह खुली है, जहां विद्यार्थियों की संख्या व कोचिंग सेंटर ज्यादा है। पिपराली रोड, नवलगढ़ रोड व केन्द्रीय बस स्टेण्ड के नजदीक सबसे ज्यादा हैं। लाइब्रेरियों में एक साथ पचास से 100 तक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। एक साथ अध्ययन करने से उनको एक दूसरी की मदद भी मिल जाती है।
एसी व शुद्ध पानी
एक लाइब्रेरी के संचालक मोहन गुर्जर ने बताया कि आधुनिक लाइब्रेरियां समय की मांग है। इनमें ऐसी, शुद्ध पानी व वॉशरूम की व्यवस्था भी विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा टेबल कुर्सियां भी आधुनिक हैं। यहां ज्यादातर विद्यार्थी वे हैं जो नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कई बार घर पर पढ़ाई का अच्छा माहौल नहीं मिल पाता, ऐसे में यह निजी लाइब्रेरी विद्यार्थियों की पहली पसंद बन रही है। यहां पढ़ाई करने वाले अधिकतर विद्यार्थी वे हैं जो बाहर के रहने वाले हैं और सीकर में किराए का कमरा लेकर या पीजी बनकर रह रहे हैं।
रात को भी कर रहे पढ़ाई
प्रयोगशाला भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे राहुल कुमावत ने बताया कि यहां पढाई के लिए शांत वातावरण मिल रहा है। आराम से पांच से छह घंटे पढ़ाई की जा रही है। बैंक की तैयारी कर रही वंदना शर्मा ने बताया कि सीकर के लगभग हर प्रमुख स्थानों पर लाइब्रेरी खुल गई। ये घर के नजदीक होने के कारण पहुंचने में ना तो समय बर्बाद हो रहा है ना ही धन। वह बैंक की तैयारी कर रही है। निदेशक को कहने पर वे सभी प्रकार के नोट्स भी उपलबध करवा देते हैं। लिपिक भर्ती की तैयारी कर रहे बहादुर कुमावत व बैंक पीओ की तैयारी कर हरे अंकित ने बताया कि अधिकतर लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहती है। कभी भी आकर पढ़ाई कर सकते हो। अधिकतर विद्यार्थी दिन में अन्य कार्य करते हैं वे रात को नौ बजे आते हैं और सुबह पांच बजे तक पढाई करते रहते हैं। उन्होंनें बताया कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यहां पढाई के लिए एकदम शांत वातावरण मिल रहा है।
Published on:
11 Aug 2018 05:40 pm
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