
सीजीएसटी अधीक्षक व दलाल गिरफ्तार
सीकर. सीजीएसटी संभाग अधीक्षक सीकर ने ट्रासपोर्टर के माध्यम से रिश्वत का खेल रचा रखा था। एसीबी की टीम ने शुक्रवार रात सीजीएसटी अधीक्षक अक्षय कुमार शर्मा और दलाल सुरेश स्वामी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। एसीबी निरीक्षक शब्बीर खान ने बताया कि रात करीब आठ बजे परशुराम पार्क के पास स्थित सुनील ट्रांसपोर्ट कंपनी पर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी सीजीएसटी अधीक्षक अक्षय कुमार शर्मा जयपुर के जगतपुरा स्थित डी-९२ आरएस कॉलोनी का निवासी है। वहीं सीकर के चांदपोल गेट क्षेत्र केनिवासी दलाल सुरेश स्वामी की बजाज रोड पर भाटी मेंशन के सामने बजाज ट्रांसपोर्ट कंपनी है। इनके खिलाफ कांग्रेसी पार्षद और सुनील ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक मोहर सिंह गौड़ ने 22 जनवरी को एसीबी के झुंझुनूं कार्यालय में शिकायत दी। उसकी ट्रांसपोर्ट कंपनी में दिल्ली, लुधियाना, अहमदाबाद, पानीपत, जयपुर आदि स्थानों से सामान आता है। सीजीएसटी अधीक्षक गाडि़यों को रोककर चालान भरने की धमकी देता है। साथ ही रिश्वत की मांग करता है। मार्च से जनवरी माह तक वह एक लाख रुपए मंथली के रूप में रिश्वत मांग रहा है। एसीबी टीम ने 24 जनवरी को सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान अक्षय कुमार शर्मा ने 50 हजार रुपए रिश्वत दलाल सुरेश स्वामी के माध्यम से ले लिए। टीम ने शेष 50 हजार रुपए लेने पर शुक्रवार को दलाल सुरेश स्वामी व अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
ऑफिस, फ्लैट व ट्रांसपोर्ट तक बिछाया जाल
सीजीएसटी अधीक्षक व दलाल को काबू करने के लिए एसीबी ने शुक्रवार को सुबह ही सांवली रोड स्थित सीजीएसटी कार्यालय, बहड़ सर्किल के पास स्थित फ्लैट व मोहर सिंह गौड़ की ट्रांसपोर्ट कंपनी पर दिन में ही जाल बिछा लिया। अधीक्षक ने परिवादी मोहर सिंह गौड़ को दिन में कार्यालय बुलाया था। लेकिन वहां पर सेवानिवृति की पार्टी होने के कारण रिश्वत की बात नहीं की। रात आठ बजे अपने फ्लैेट पर बुलाया। परिवादी मोहर सिंह गौड़ रात को फ्लैट पर पहुंचा तो दलाल सुरेश स्वामी वहां पहले से मौजूद था। अधीक्षक ने खुले रूप से रिश्वत का पैसा सुरेश को देने के लिए कहा। इस पर मोहर सिंह गौड़ के साथ सुरेश स्वामी परशुराम पार्क के पास स्थित सुनील ट्रांसपोर्ट पर आ गया। यहां पर जैसे ही मोहर सिंह गौड़ ने सुरेश स्वामी को पैसे दिए। एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। फ्लैट के पास पहले से मौजूद एसीबी टीम ने अधीक्षक अक्षय को गिरफ्तार कर लिया।
बाइपास पर जाल, जांच के नाम पर खड़ा कर लेते हैं ट्रक
सीजीएसटी अधीक्षक अक्षय कुमार का रिश्वत लेने का तरीका बड़ा निराला है। इसके लिए उसने कई निजी दलाल पाल रखे हैं। यह दलाल रात को बाइपास पर शहर में प्रवेश करने वाली गाडि़यों पर नजर रखते। गाडि़यों को रोककर मंथली के नाम पर रिश्वत मांगी जाती। रिश्वत के पैसे नहीं देने पर गाड़ी को खड़ा कर लिया जाता। सीजीएसटी अधीक्षक जांच के नाम पर सामान से भरा हुआ ट्रक खड़ा करवा लेता। दबाव में आकर ट्रांसपोर्टर रिश्वत देने को मजबूर हो जाता। जिन ट्रांसपोर्टर का पैसा पहले से आया हुआ होता। उन गाडि़यों को बिना जांच के ही छोड़ दिया जाता। एेसा केवल ट्रकों के साथ ही नहीं है। सामान लेकर आने वाली बसों पर भी यह दलाल नजर रखते हैं।
रिश्वत नहीं देने पर कार्यालय लाकर बिखेर देते हैं सामान
रिश्वत नहीं देने वाले ट्रक व बस को सांवली रोड स्थित कार्यालय लाकर खड़ा किया जाता है। इसके बाद वहीं पर सामान को बिखेर दिया जाता है। स्थिति यहां तक है कि जांच के नाम पर गाड़ी को पांच से सात दिन तक खड़ा रखा जाता है। सामान सहीं होने के बाद भी डिलीवरी समय पर नहीं होने से ट्रांसपोर्टर की साख पर आंच आती है। दबाव में आकर ट्रांसपोर्टर इनको रिश्वत देने के साथ मासिक बंधी भी देने को तैयार हो जाता है।
Published on:
01 Feb 2020 12:51 pm
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