
जीण माता (सीकर). सीकर शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित जीण माता का मंदिर आस्था का केंद्र है। जीण माता के चमत्कार ने औरंगजेब की सेना को भी नतमस्तक कर दिया था इतिहासकारों के अनुसार मुगल औरंगजेब मंदिरों को नष्ट करता हुआ जीण माता मंदिर तक पहुंचा था। जब मंदिर के पुजारियों ने माता से विनती की, तो माता ने भंवरे छोड़ दिए। जिन्होंने औरंगजेब की सेना पर हमला कर दिया। अपनी सेना की दुर्गति देख औरंगजेब ने जीण माता से माफी मांगी और माता को सोने का छत्र चढ़ाते हुए मंदिर में प्रज्जवलित अखंड ज्योत के लिए तेल व घी भेजने की परंपरा शुरू की। यह परंपरा स्वतंत्रता के बाद देवस्थान विभाग का गठन होने के बाद भी जारी रही। इस कथा का जिक्र जीण चालीसा में भी है। मंदिर में यह अखंड ज्योत आज भी प्रज्जवलित है। यहां आने वाले श्रद्धालु इसके दर्शन करते हैं।
मेले में यह भी खास
पुलिस ने 90 प्वॉइंट बनाकर 6 मोबाइल टीमें भी गठित की हैं
मेला स्थल के आसपास पुलिसकर्मी बाइक से गश्त करेंगे।
मेले में बनाया नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा।
ग्राम पंचायत निशुल्क वाहन पार्किंग, सफाई, पेयजल आदि का प्रबंध करेगी।
शक्तिपीठ जीणधाम पर चैत्र नवरात्रि का लक्खी मेला बुधवार को घट स्थापना के साथ शुरू हो जाएगा। 9 दिवसीय इस मेले में देशभर के करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के शिरकत करने की संभावना है। मेले के दौरान 9 दिन तक जीण माता का विशेष महाश्रृंगार व धार्मिक अनुष्ठान होंगे। मुख्य मंदिर को दिल्ली व कोलकाता से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है। मेले में श्रद्धालुओं के सुलभ दर्शन के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस बार सिंहद्वार से बेरिकेड्स लगाकर अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं। मुख्य मंदिर के सामने जिगजैग बनाया गया है, जहां से होकर श्रद्धालु मंदिर तक तक पहुंचेंगे।
Published on:
22 Mar 2023 09:34 am
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