
रींगस. चेंजमेकर महाअभियान की कडी में शनिवार को रींगस कस्बे में लोगो ने खुले रूप से अपने विचार साझा किए। लोगों ने एक स्वर में कहा कि जब तक चुनाव आयोग निष्पक्ष और मजबूत निर्णयों को लागू नहीं करता तब तक बदलाव की बात अधूरी है। क्योंकि सारे बदलाव किए तो जा सकते हैं लेकिन पालना चुनाव आयोग ही करवा सकता है। लोगों ने पत्रिका कार्यालय में राजनीति में बदलाव की शपथ ली। कार्यक्रम में युवा विकास मंच के अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने कहा कि शिक्षा जहां पार्षद के चुनाव में अनिवार्य है तो फिर विधायक व सांसद के लिए भी तत्काल प्रभाव से लागू होनी चाहिए। वहीं राजेन्द्र सैन ने कहा कि जब तक कोई भी विधायक या सांसद चुनावों किए गए वायदो को पूरा नहीं करें तब तक पार्टी को उसे अगले चुनाओं के लिए उम्मीदवार नहीं बनाना चाहिए।
उधर अस्पाक अली ने कहा कि चुनाव आयोग को उन सदस्यों की सदस्यता ही रद्द कर देनी चाहिए जो दो समुदायो में अमन-चैन मिटाकर केवल चुनावी फायदे के लिए जहर घोलते हैं। पार्षद अमित शर्मा ने कहा कि जातिवाद के आधार पर किसी को भी राजनीतिक दल प्रत्यासी नहीं बनाएं। चेंजमेकर अभियान की बात करते हुए हंसराज कुमावत ने कहा कि पत्रिका की यह पहल सराहनीय है। नितिन त्रिपाठी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को किसी भी मामले में आरोपी या भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्ती का प्रत्याशी नहीं बनाना चाहिए।
युवा व्यवसायी राजू बधालका व गोपाल साबू ने एक स्वर में कहा कि समाज को बांटने वाले विधायक और सांसदों की सदस्यता तो चुनाव आयोग को तत्काल प्रभाव से ही रद्द कर देनी चाहिए। राजू गोरा व मोती डाकवाला ने मांग की कि पेराशूट उम्मीदवार को कभी स्वीकार नहीं करना चाहिए क्योकि ऐसे लोगों का स्थानीय समस्या से कोई सरोकार नहीं होता है ये लोग चुनाओं के समय तो जनता को बरगला लेते है लेकिन बाद में उस समस्या को लेकर इनके दर्शन तक नहीं होते। महावीर जोशी का कहना था कि चुनाओं में शराब बंदी व धनबल पूरी तरह बंद होना चाहिए इसके लिए चुनाव आयोग को ठोस कदम उठाने चाहिए। इस दौरान कमलकांत जोशी, सुभाष कुलदीप, प्रभात बिजारनियां व योगेन्द्र कुमावत ने कई सुझाव दिए।
Published on:
22 Apr 2018 01:14 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
