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छोटे परिवार के लिए ‘छाया’ का सहारा

सीकर. परिवार नियोजन में फिसड्डी रहने के बाद बाद अब चिकित्सा विभाग ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए नॉन हार्मोनल गर्भ निरोधक गोलियां देने का मानस बनाया है। छाया नाम की ओरल कोंट्रासेप्टिव पिल नामक इस दवा की खास बात यह है कि यह दवा नियमित नहीं लेनी होगी।

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छोटे परिवार के लिए ‘छाया’ का सहारा


सीकर. परिवार नियोजन में फिसड्डी रहने के बाद बाद अब चिकित्सा विभाग ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए नॉन हार्मोनल गर्भ निरोधक गोलियां देने का मानस बनाया है। छाया नाम की ओरल कोंट्रासेप्टिव पिल नामक इस दवा की खास बात यह है कि यह दवा नियमित नहीं लेनी होगी। यह दवा महिलाओं को निशुल्क दी जाएगी। सीकर में इसके लिए पचास से अधिक संस्थाओं पर दवाओं की खेप पहुंचा दी है। इसके उपयोग के बाद दम्पतियों को बाजार में बिकने वाले अन्य महंगे अंतराल साधनों के उपयोग की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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नहीं करवाने वालों को लाभ
छाया गोली का सर्वाधिक लाभ नसबंदी नहीं करवाने वाली महिलाओं को मिलेगा। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में पौराणिक मान्यताओं के आधार पर लोग महिलाओं की नसबंदी नहीं करवाते हैं। ऐसे में उन्हें दुष्प्रभाव डालने वाली गर्भ निरोधक गोलियां खानी पड़ती हैं। इसे देखते हुए विभाग ने नॉन हार्मोनल गोलियां देनेअब उन्हें छाया के उपयोग से इन परेशानियों से निजात
मिल जाएगी।

तीन माह तक प्रत्येक सप्ताह दो गोली

छाया गर्भनिरोधक गोली का उपयोग महिलाओं को नियमित नहीं करना होगा। शुरुआत में महिला को तीन माह तक सप्ताह में दो गोली लेनी होगी। इसके बाद सप्ताह एक ही गोली खानी होगी। निशुल्क मिलने वाली इस दवा को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनियों की मदद से बांटा जाएगा। यह गोली जिला चिकित्सालय, सीएचसी, पीएचसी, उप स्वास्थ्य केन्द्र व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मिलेगी। इसके लिए विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दवा से नहीं होगा कोई दुष्प्रभाव
छाया पिल को बिल्कुल सुरक्षित बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि छाया पिल का कोई दुष्प्रभाव महिलाओं के शरीर पर नहीं होगा। दवा लगातार लेने पर भी वह बिल्कुल सुरक्षित रहेगी।


पहुंचा दी है दवा
छाया पिल से कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। इनके उपयोग से महिलाओं को अन्य अंतराल साधन व दवाइयों के उपयोग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिले में सभी जगह इसका वितरण शुरू कर दिया है।
डॉ. अशोक महरिया, एडिशनल सीएमएचओ सीकर