
सीकर.
नगर परिषद व यूआईटी में पट्टों को लेकर शुरू हुई रार अब विकास कार्यो की सियासत तक पहुंच गई है। नगर परिषद बजट का टोटा होने की बात कहकर विकास कार्यो को हरी झंडी नहीं दे रहा है। वहीं यूआईटी के ज्यादातर विकास के प्लान फाइलों में उलझे हुए हैं। इस कारण शहरी विकास की दोनों बड़ी संस्थाएं आमजन को एक भी बड़ा तोहफा नहीं दे सकी है। जबकि चुनाव के समय शहरवासियों को सब्जी मंडी से लेकर सेक्टर रोड सहित अन्य सपने दिखाए गए। लेकिन अभी तक आमजन को बदलाव की राहत नहीं मिली है।
नगर परिषद: महज सडक़-नाली निर्माण के कार्यों तक सिमटी
पिछले तीन वर्ष से नगर परिषद शहरवासियों को समस्याओं से राहत देने में लगभग रही है। नगर परिषद अमृत योजना के कार्यो को छोड़ दिया जाए तो महज सडक़-नाली के कार्यों तक सिमटी हुई है। हालत यह है कि नगर परिषद भवन, सब्जी मंडी व सौन्दर्यीकरण कार्यों को पूरा नहीं करा सकी है। बोर्ड की बैठक में भी पार्षद छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर हंगामा कर चुके हैं। लेकिन परिषद अधिकारी हर बार प्रस्ताव बनाने का आश्वासन देकर पल्ला छाड़ लेते हैं।
यूआईटी: फाइलों में दफन योजनाएं
पिछली कांग्रेस सरकार के समय बनी यूआईटी अब तक आमजन को कोई बड़ी तोहफा नहीं दे सकी। यूआईटी की गोविन्द नगर आवासीय योजना का मामला न्यायालय में उलझा है। वहीं शहर के चारों तरफ गेट लगाने, पौधरोपण, सेक्टर रोड सहित अन्य योजनाएं भी फाइलों में दफन हो रही है। यूआईटी अधिकारियों का तर्क है कि बाहरी कॉलोनियों में विकास कार्य कराए जाएंगे। लेकिन बाहरी कॉलोनियों के हालात भी नहीं बदले है।
आमजन को इन समस्याओं का चाहिए तत्काल समाधान
1. सडक़: पेराफेरी क्षेत्र में कमजोर नेटवर्कशहरी क्षेत्र की बाहरी कॉलोनियों में सडक़ नेटवर्क की स्थिति बेहद कमजोर है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। नगर परिषद मुख्य शहर की कॉलोनियों में सडक़ निर्माण के कार्यो तक उलझी हुई है। यूआईटी के पास बजट होने के बाद भी सडक़ नेटवर्क विकसित नहीं हो पा रहा है।
2. स्ट्रीट लाइट: गलियों में अब भी अंधेराबिजली बिलों में स्ट्रीट लाइटों का टैक्स लेने के बाद शहर की कई कॉलोनियों में अंधेरा है। पिछले वर्ष नगर परिषद नई विकसित कॉलोनियों का सर्वे कराकर उनमे बिजली लाइन बिछाने का प्रस्ताव भिजवाया था। लेकिन बजट की कमी के कारण यह प्रसताव भी अटक गया। जिला मुख्यालय की 80 से अधिक कॉलोनियों में स्ट्रीट वायर नहीं है।
3. पानी निकासी: कई क्षेत्रों में अब भी समस्याशहर में पानी निकासी अभी भी बड़ी समस्या है। राधाकिशनपुरा, नवलगढ़ रोड बस स्टैण्ड, सालासर रोड सहित कई इलाकों में बारिश के दिनों में कई मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न हो जाते हैं। हर वर्ष शहरी सरकार पानी निकासी की समस्या से समाधान दिलाने का आश्वासन देती है। लेकिन हकीकत में कुछ नहीं है।
Published on:
25 Jan 2018 01:43 pm
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