
स्कूलों के ढांचे को मजबूत करने के लिए पूर्व विद्यार्थियों को दी कमान
प्रदेश में शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में अब पूर्व विद्यार्थी मंच बनाए जाएंगे। इसके तहत सखा-संगम कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। प्रदेशभर की स्कूलों के प्रत्येक बच्चे को घर के पास उच्च माध्यमिक स्तर तक की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार ने विद्यालय पूर्व विद्यार्थी मंच का गठन कर सखा संगम कार्यक्रम शुरू किया है। मंच के तहत विद्यालयों में पूर्व में अध्ययन कर चुके विद्यार्थी साल में एक बार स्कूल में मिलेंगे तथा संबंधित विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को मोटिवेट करेंगे। नए शिक्षण सत्र से राजकीय माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इस प्रकार के मंच का गठन करना होगा। इसमें विद्यालय में पूर्व में अध्ययन कर चुके विद्यार्थियों को शामिल करना होगा। इसी सत्र में सभी स्कूलों में मंच का गठन कर सूचना भेजने के लिए निर्देशित किया गया हैं।
स्कूलों में सुविधाओं का होगा विस्तार
पूर्व छात्रों को स्कूल से जोड़ने पर उनका स्कूल से जुड़ाव बढ़ेगा और जुड़ाव बढ़ने से स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए भी वे भामाशाह के रूप में आगे आएंगे। जिससे स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार होगा। समुदाय के जुड़ाव से स्कूलों की गुणवत्ता में भी निखार आएगा। विद्यालयी पूर्व विद्यार्थी मंच के लिए स्कूल में कार्यरत स्टाफ जिनका स्थानीय जनसमुदाय में अच्छा जुड़ाव हो उन्हें प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।मंच में जो पूर्व विद्यार्थी सरकारी अधिकारी अच्छे व्यापारी बन चुके हैं, उन्हें शामिल किया जाएगा। जो विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रोत्सहान देने का काम करेंगे। ताकि बच्चे उन्हें देखकर स्वयं भी कुछ कर गुजरने की तमन्ना रख सके। सरकारी विद्यालयों में मंच का गठन होने से पूर्व में पढ़कर अच्छे पदों पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों का विद्यालय से जुड़ाव होगा। अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। साथ ही मंच के माध्यम से पूर्व विद्यार्थी अपनी सफलता की कहानी बयां करेंगे। जिससे दूसरे विद्यार्थी भी मोटिवेट होंगे।
नामांकन बढ़ाने में मिलेगा सहयोग
सरकारी विद्यालयों में पूर्व विद्यार्थी मंच का गठन होने से नामांकन में भी बढ़ोतरी होगी। मंच के सदस्य सरकारी विद्यालय में अध्ययन करने से मिलने वाले लाभों की जानकारी साझा करेंगे। जिस कारण सरकारी विद्यालयों में घट रहे नामांकन में भी सहयोग मिलेगा। सरकारी विद्यालयों में पूर्व वर्तमान में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे। छात्र पंजीयन रजिस्ट्रर में उपलब्ध रिकॉर्ड की सहायता से स्कूल के पूर्व छात्रों का एक डाटा बेस तैयार किया जाएगा। स्कूलों में अध्यापक अभिभावक परिषद तथा स्कूल विकास एवं प्रबंधन समिति जैसी समितियों का गठन भी इसी उद्देश्य से किया गया।
Published on:
31 Dec 2022 04:57 pm
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