
चिंता: डायबिटीज, एंटीबॉयोटिक, कफ सीरप सहित 14 दवा के सेम्पल फेल
सरकारी अस्पतालों में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा वितरण योजना के तहत दवाओं के सेम्पल लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रक्रिया के तहत 14 प्रकार के सेम्पल में तय मानकों के अनुसार दवाएं नहीं मिली। जिसके बाद राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों में इन दवाओं के निशुल्क वितरण पर रोक लगा दी है। इनमें प्रतिबंधित दवाओं में शुगर, एंटीबॉयोटिक, पैरासिटामोल, खाली पेट लिए जाने वाले कैप्सूल, कफ सीरप, विटामिन, कैल्शियम सहित अन्य दवाएं शामिल है। सरकार की ओर से इन दवाओं पर रोक के बाद आरएमएससीएल की ओर से अस्पतालों में इन दवाओं की खपत संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। इससे पूर्व भी निशुल्क दवा योजना के तहत तीन दर्जन से ज्यादा दवाओं के सैम्पल जांच में फेल हो चुके हैं।
बढ़ रहे है मरीज
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की मिलने वाली निशुल्क दवाओं में तय मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसका नतीजा है कि अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं और साधारण बीमारी वाला मरीज भी समय पर ठीक नहीं हो रहा है। यही कारण है कि मरीजों का निशुल्क दवाओं के प्रति रुझान कम होता जा रहा है।
इन दवाओं पर लगाया प्रतिबंध
कंपनी- दवा का नाम
जेपीइइ ड्रग्स- विटामिन ए पीडियाट्रीक ओरल सोल्यूशन
एलायंस बायोटेक- लिवोसिट्रेजिन टेबलेट 5 एमजी, क्लोमीफीन टैब 50 एमजी
विंग्स बायोटेक - मेटफोर्मिन एचसीएल और ग्लीमिप्राइड एक एमजी
मेडीपोल फार्मासिस्टकल्स- डोम्पेरिडोन ओरल ड्राप्स
मर्करी लेबोरेट्रीज- पैरासिटामोल 500 एमजी
एगरोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड- विटामिन डी टेबलेट, केल्सिशियम यूएसपी- कैिल्शियम और केल्सीफिरोल टेबलेट
अस्तम हेल्थकेयर- एमोक्सिसिलिन एंड पोटेशियम क्लेवुनेट 500 प्लस 125 एमजी
सख्ती से फायदा होगा
सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दवाओं के सेम्पल लगातार फेल हो रहे हैं। आम आदमी का जीवन बचाने वाली दवाओं की जांच सख्ती और सटीक तरीके से किए जाने से आम आदमी को फायदा होगा।
संजीव नेहरा, अध्यक्ष सीकर जिला केमिस्ट एसोसिएशन
Published on:
23 Feb 2024 11:50 am
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