7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राहुल गांधी-सचिन पायलट दोनों की चिंता बढ़ा सकती है राजस्थान कांग्रेस की ये बात

Sikar Congress : सीकर जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में नेताओं ने इसे वर्चस्व की लड़ाई मान ली.
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सीकर

•

image

Vishwanath Saini

•

Updated: 9 Jun 2018, 6:08 PM IST

rahul Gandhi sachin pilot

rahul Gandhi sachin pilot

फतेहपुर (सीकर). राजस्थान विधानसभा चुनाव २०१८ के लिहाज से ये खबर कांग्रेस की चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि सीकर जिले में कांग्रेस में चल रही आपसी गुटबाजी चुनावों के पहले ही खुलकर सामने आ गई है।

राजस्थान के लगभग हर विधानसभा क्षेत्र में मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम भले ही एक जगह हो रहा हो, लेकिन सीकर जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में नेताओं ने इसे वर्चस्व की लड़ाई मान ली। ऐसे में फतेहपुर में मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम अब दो जगह होगा।

हांलाकि कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पहले एक जगह ही कार्यक्रम तय किया था, लेकिन दूसरे गुट ने अपने स्तर पर दूसरी जगह कार्यक्रम करवाने का निर्णय कर लिया।

फतेहपुर ब्लॉक अध्यक्ष गिरधारी चाकलान ने बताया कि पोद्दार सदन में होने वाले सम्मेलन में एआईसीसी सचिव व प्रदेश सहप्रभारी काजी निजामुद्ीन, विधायक नन्द किशोर महरिया, जिलाध्यक्ष पीएस जाट, पूर्व राज्यसभा सदस्य अश्क अली टांक, प्रदेश सचिव आरसी चौधरी, इंद्राज गुर्जर, पूर्व सांसद शंकर पन्नू, पीसीसी सदस्य कुरड़ाराम, मोहम्मद शरीफ, हाकम खान, यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हसन खां, देहात ब्लॉक अध्यक्ष भगवान सिंह सहित कई नेता हिस्सा लेंगे।

देहात ब्लॉक अध्यक्ष भगवान सिंह नेहरा ने बताया कि धोली सती के पास राधिका गार्डन में कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम का आयोजन होगा।

कार्यक्रम में काजी निजामुद्ीन, लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविन्द सिंह डोटासरा, जिलाध्यक्ष पीएस जाट, पीसीसी सदस्य हाकम खान सहित कई नेता संबोधित करेंगे।

कैसे होगी नैया पार
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में राजस्थान विधानसभा चुनाव २०१८ के लिए कांग्रेस की टिकट के लिए कई दावेदार है। ऐसे में चुनावी कार्यक्रम शुरू होते ही गुटबाजी बाहर आने लग गई। मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम भी दो जगह आयोजित हो रहा है।
पूर्व विधायक भंवरू खां के भाई हाकम अली अपने स्तर पर लगे हुए है, वहीं पूर्व राज्यसभा सदस्य अश्क अली टांक अलग दावेदारी जता रहे हैं। विधायक नन्द किशोर महरिया भी कांग्रेस में आ गए हैं, ऐसे में तीनों की आपस में गुटबाजी नजर आती है। गुटबाजी के चलते आम कार्यकर्ता भी परेशान है कि आखिर कहां जाएं।