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कांग्रेस के विधायक अपनी सरकार से सवाल पूछने में पीछे

शेखावाटी के 20 में से चार विधायकों ने लगाए प्रश्नजनता ने दिया दिल खुलकर समर्थन, फिर भी मुद्दों से दूरीराठौड़ व पूनियां ने लगाए सबसे ज्यादा सवालजबकि प्रदेश में कांग्रेस को सबसे ज्यादा शेखावाटी ने दिए 16 विधायकमंत्रीमण्डल विस्तार पर ज्यादा निगाह, पिछले सत्र में भी कम लगाए थे विधायकों ने प्रश्न

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सीकर

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Ajay Sharma

Feb 11, 2021

congress

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सीकर. फतेहपुर.
शेखावाटी की जनता ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रदेश में सबसे ज्यादा सीटें देकर दिग्गजों को विधानसभा की दहलीज तक पहुंचाया। लेकिन यहां के विधायकों ने सत्ता मिलते ही जनता से दूरी बना ली। कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के विधायक भी जनता के मुद्दों को गौंण करने में लगे हुए है। शेखावाटी के 20 विधायकों में से 4 विधायकों ने ही जनता के प्रश्न पूछे है। सबसे ज्यादा प्रश्न पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ व सूरजगढ विधायक सुभाष पूनियां ने लगाए है। सरकार बनने के दो वर्ष बाद शेखावाटी से जुड़े बड़े मुद्दों पर भी कोई काम नहीं हो पाया। ना ही उनके बारे में सवाल पूछे गए। खास बात यह है कि कई विधायक तो खुद अपनी सरकार के कामकाज को लेकर भी सवाल उठा चुके है। उन्होंने भी बजट सत्र में एक भी सवाल नहीं पूछा है। शेखावाटी से शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा को छोड़कर सभी सवाल पूछ सकते हैं। लेकिन कांग्रेस के दिग्गज विधायकों ने एक भी सवाल पूछना उचित नहीं समझा।

सीकर जिला: विधानसभा विधायक प्रश्न लगाएं
नीमकाथाना सुरेश मोदी 0
खंडेला महादेव सिंह 0
फतेहपुर हाकम अली खां 14
धोद परसराम मोरदिया 0
श्रीमाधोपुर दीपेन्द्र सिंह 0
दांतारामगढ़ वीरेन्द्र सिंह 0
सीकर राजेन्द्र पारीक 0

चूरू जिला
विधानसभा विधायक प्रश्न
रतनगढ़ अभिनेश महर्षि 0
राजगढ़ कृष्णा पूनियां 0
तारानगर नरेन्द्र बुड़ानिया 0
सरदारशहर भंवरलाल शर्मा 0
चूरू राजेन्द्र राठौड़ 84
सुजानगढ़ में उप चुनाव होना ह

झुंझुनूं जिला
पिलानी जेपी चंदेलिया 0
नवलगढ़ डॉ राजकुमार शर्मा 17
मंडावा रीटा चौधरी 0
खेतड़ी जितेन्द्र सिंह 0
उदयपुरवाटी राजेन्द्र सिंह गुढा 0
झुंझुनूं बृजेन्द्र ओला 0
सूरजगढ सुभाष पूनियां 76

दो विधायक दे चुके है सत्ता पक्ष को समर्थन
शेखावाटी के दो विधायक सियासी तौर पर सत्ता पक्ष को समर्थन दे चुके है। खंडेला विधायक महादेव सिंह ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही खुद मुख्यमंत्री को समर्थन पत्र दिया था। बाद में उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान खुलेतौर पर कांग्रेस का ऐलान किया। इसके अलावा उदयपुरवाटी विधायक राजेन्द्र सिंह गुढा भी सियासी संग्राम के दौरान खुलकर सरकार का साथ दे चुके है।

डोटासरा मंत्री नहीं होने की वजह से नहीं पूछ सकते सवाल
शेखावाटी के सिर्फ एक विधायक ऐसे है जो शिक्षा, देवस्थान व पर्यटन राज्य मंत्री होने की वजह से सवाल नहीं पूछ सकते हैं। जबकि अन्य विधायक सवाल लगा सकते थे।

सुजानगढ़ में होने है उप चुनाव
चूरू जिले के सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में उप चुनाव होने है। पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल के निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई है।

अब तक लगे 1990 प्रश्न
विधानसभा के बजट सत्र के लिए बुधवार दोपहर तक 1990 प्रश्न लग चुके है। इसमें शेखावाटी की उपस्थिति काफी कमजोर है। सत्ता पक्ष के विधायकों के सवाल नहीं लगाने से आमजन में भी काफी मायूसी है।

इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक भी पूछे सवाल तो मिले राहत

1. शेखावाटी संभाग:
विधानसभा चुनाव में खुद कांग्रेस ने शेखावाटी को संभाग बनाने का मुद्दा उठाया था। यदि शेखावाटी के सभी विधायक सदन में इस बात को उठाए तो बजट में तोहफा मिल सकता है।

2. शेखावाटी पर्यटन सर्किट:
शेखावाटी पर्यटन सर्किट भी बड़ा मुद्दा है। इस पर सत्ता पक्ष के विधायक चुप है। कांग्रेस सरकार का दावा है कि केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भिजवा दिया है। लेकिन वहां से मंजूरी नहीं मिलने पर कोई नई राहें तलाशी जा सकती है। लेकिन विधायकों ने सरकार से सवाल पूछना ही उचित नहीं समझा।

झुंझुनूं मेडिकल कॉलेज:
झुंझुनूं में अब तक मेडिकल कॉलेज नहीं बना है। जबकि लंबे अर्से से यहां मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही है। झुंझुनूं में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने पर तीनों जिलों में मेडिकल कॉलेज होगा।

4. उद्योग:
नीमकाथाना व नवलगढ़ इलाके में उद्योग लगाने के लिए उद्योगपति आगे आ रहे हैं। लेकिन सरकार संसाधन मुहैया कराने को तैयार नहीं है। ऐसे में सरकार से उद्योगों की नीति को लेकर सवाल करने का सबसे अच्छा वक्त है।

5. पेयजल:
शेखावाटी में पेयजल बड़ी समस्या है। ज्यादातर ब्लॉक डार्क जोन में जा चुके है। ऐसे में पेयजल के लिए नहरी योजना के साथ कुम्भाराम लिफ्ट पेयजल योजना को लेकर इस बजट में जनता की काफी उम्मीद है। यदि सत्ता पक्ष के विधायक भी सरकार पर दवाब नहीं बनाएंगे तो तोहफा मिलना मुश्किल है।