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भर्ती में मनमर्जियां: कुलाधिपति को बिना सूचना दिए शुरू कर दी भर्ती, प्रमुख सचिव ने मांगा जवाब

भर्ती के नियम बनाने वाले विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार व शोध निदेशक ने भी कर दिया आवेदन

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सीकर

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Ajay Sharma

May 22, 2023

भर्ती में मनमर्जियां: कुलाधिपति को बिना सूचना दिए शुरू कर दी भर्ती, प्रमुख सचिव ने मांगा जवाब

पंडित दीनदयाल उपाध्याय विवि की भर्तियों का मामला

यादवेन्द्र सिंह राठौड़. सीकर.
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विवि की भर्ती में बड़ी चूक सामने आई है। विवि प्रशासन ने बिना कुलाधिपति की अनुमति के भर्ती शुरू कर दी। इसकी भनक लगने पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव ने विवि को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि विवि प्रशासन का दावा है कि उच्च शिक्षा विभाग व कुलाधिपति कार्यालय में जवाब भिजवा दिया है। भर्ती में रोस्टर की पालना होने की वजह से विवि प्रशासन विवादों के घेरे में है। दूसरी तरफ भर्ती के नियम बनाने वाले दो अ धिकारियों ने भी आवेदन कर दिया है। इसको लेकर भी लगातार अभ्य र्थियों की ओर से सवा उठाए जा रहे हैं। भर्ती में शेखावाटी विश्वविद्यालय के परीक्षा निदेशक डॉ. रविंद्र कटेवा ने काॅमर्स विभाग में प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन कर दिया। वहीं यूनिवर्सिटी के ही सहायक कुलसचिव परीक्षा एवं शोध प्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने भी आवेदन करा है। अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि कुलपति प्रो. भगीरथसिंह बिजारणियां का कार्यकाल 9 सितंबर 2023 को समाप्त हो रहा है। वह कार्यकाल पूर्ण होने से तीन महीने पहले यानी 9 जून 2023 तक ही नीतिगत निर्णय लेने में सक्षम हैं। इस वजह से भी विवि प्रशासन की ओर से भर्ती में लगातार जल्दबाजी बरती जा रही है।


प्रमुख सचिव ने यह लिखा पत्र में
राज्यपाल के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार ने लिखा है कि शेखावाटी विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार से स्वीकृत पदों व तदनुसार रोस्टर बनाए जाने के संबंध में इस सचिवालय को अवगत नहीं कराया गया है। साथ ही भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र से स्वीकृति नहीं ली गई है। विवि स्तर से ही निर्णय लिया जाकर भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति जारी की गई है। इस प्रकरण में विवि से पिछले दिनों स्पष्टीकरण मांगा गया था।

रोस्टर में अनियमितता: कॉमर्स में 6 में से एक भी पद आरक्षित नहीं
भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर आवंटित करने से पूर्व विभागाें में अल्फाबेटिक तरीक से रोस्टर लागू करना चाहिए था। लेकिन अल्फाबेटिक तरीके से रोस्टर लागू करते तो लीगल स्टडीज के छह में से पांच पद आरक्षित नहीं होते। शैक्षणिक के कुल 30 पदों में से 13 पद ही रिजर्व रखे गए हैं। उदाहरण के तौर पर विधि विभाग में 6 में से पांच पदों को आरक्षित कर दिया गया है सिर्फ एक असिस्टेंट प्रो के पद को अनारक्षित रखा गया है।

आवेदन किसने किया है हमें अभी पता नहीं: रजिस्ट्रार
हा यह सही है कि राज्यपाल के यहां से हमें रोस्टर व भर्ती को लेकर पत्र मिला था। इसका जवाब हमने भिजवा दिया है। वहीं डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. रविन्द्र कटेवा व डॉ. संजीव कुमार ने आवेदन किया है या नहीं इसका अभी जानकारी नहीं है। अभी तक हमने अभ्यर्थियो के आवेदन देखे ही नहीं है।
प्रो. भगीरथसिंह बिजारणियां, कुलपति शेखावाटी विश्वविद्यालय,सीकर

एक्सपर्ट व्यू.....
कुलाधिपति को जानकारी देनी है जरूरी: सिंघल
रोस्टर संधारण करने और भर्ती प्रक्रिया की समस्त जानकारी कुलाधिपति को देना जरूरी होता है। जानकारी नहीं देने पर राज्यपाल भर्ती प्रक्रिया को निरस्त भी कर सकते हैं। रोस्टर तैयार करने में आरक्षित पदों का विशेष ध्यान रखना होता है।
प्रो. जेपी सिंघल, पूर्व कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

तीन कुलपति नौ साल में भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं करवा सके
सबसे मुख्य बात यह है कि शेखावाटी विश्वविद्यालय में अब तक आए तीन कुलपतियों ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की लेकिन तीनों ने ही भर्ती को अपने कार्यकाल के अंतिम समय में प्राथमिकता दी। विवि ने 9 मार्च 2023 को विज्ञप्ति जारी कर पांच विभागों में पांच प्रोफेसर, 10 एसोसिएट प्रोफेसर और 15 असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ ही एक पद असिस्टेंट लाइब्रेरियन एक पद असिस्टेंट डायरेक्टर फिजिकल एजुकेशन के पद पर भर्ती निकाली है। साथ ही अशैक्षणिक पदों पर भी भर्ती निकाली गई है।

दो कुलपतियों ने अपनी मर्जी से राज्य सरकार से बदलवाए विभाग
राज्य सरकार ने 2017 में पांच साल पहले शेखावाटी विवि सहित सभी चार विश्वविद्यालयों को पांच विभाग इतिहास, भूगोल, अंग्रेजी, गणित राजनीति विज्ञान के विभाग खोलने के फरमान दिए थे। इस पर तत्कालीन कुलपति प्रो. बीएल शर्मा ने डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन लैंग्वेजेस, डवलपमेंट स्टडीज (इकोनोमिक्स), डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स, डिपार्टमेंट ऑफ लाइफ साइंसेज, डिपार्टमेंट ऑफ लीगल स्टडीज राज्य सरकार से स्वीकृत करवा लिए। वहीं वर्तमान में कुलपति प्रो. बिजारणियां ने फिर तीसरी बार सरकार से कॉमर्स, विधि, अंग्रेजी, भूगोल, गणित विभाग स्वीकृत करवा लिए हैं। ऐसे में बार-बार आवेदन करने से अभ्यर्थी परेशान हो रहे हैं। यही नहीं पांच साल पहले जिन अभ्यर्थियों ने भर्ती आवेदन किया था उन्हें दुबारा से आवेदन करने को कहा है। इसको लेकर भी लगातार अभ्यर्थियों की ओर से सवाल भी उठाए जा रहे है।