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कोरोना वायरस: चीन के खिलौने, मोबाइल या कोई भी सामान खरीदने से पहले जरूर पढ़ लें ये खबर

चाइना के जानलेवा कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के संक्रमण का भले ही देश में कम असर हो, लेकिन कोरोना वायरस का असर अब व्यापार ( Coronavirus Impact on Business in India ) में नजर आने लगा है।
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सीकर

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Naveen Parmuwal

Feb 21, 2020

कोरोना वायरस: चीन के खिलौने, मोबाइल या कोई भी सामान खरीदने से पहले जरूर पढ़ लें ये खबर

कोरोना वायरस: चीन के खिलौने, मोबाइल या कोई भी सामान खरीदने से पहले जरूर पढ़ लें ये खबर

सीकर.

चाइना के जानलेवा कोरोना वायरस ( coronavirus ) के संक्रमण का भले ही देश में कम असर हो, लेकिन कोरोना वायरस का असर अब व्यापार ( Coronavirus Impact on Business in India ) में नजर आने लगा है। कोरोना वायरस के कारण दवा और मोबाइल कारोबार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। मोबाइल, स्टेशनरी और खिलौने व गिफ्ट आइटम 45 प्रतिशत महंगे हुए हैं। वहीं पिछले दस दिन में ब्लीडिंग रोकने वाली जैनेरिक दवा ट्रानटास एमएफ के थोक भाव में प्रति दस गोली 20 रुपए का इजाफा हो गया है। पेरासिटामोल जैसी कई दवाओं के दामों में 10 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी मानी जा रही है। दवा विक्रेताओं की माने तो इसका असर निजी दुकानों सहित सरकारी अस्पतालों में होने वाली दवाओं की आपूति पर पड़ेगा। यही कारण है कि सरकार ने दवा कंपनियों से उनके पास मौजूद दवाओं के स्टॉक की जानकारी मांगी है।


मोबाइल पर भी असर
चाइना से आने वाले मोबाइल पाटर््स के नहीं आने से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने डिस्प्ले, कैमरा, पेनड्राइव, चिप, मेमोरी कार्ड सरीखी जरूरी मोबाइल के पाटर््स की कीमत भी 20 से 35 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। अकेले सीकर शहर में मोबाइल के सामान बेचने वाली करीब 80 से ज्यादा होलसेल दुकानें हैं। इसमें से ज्यादातर व्यापारियों ने माना कि कोरोना वायरस के कारण परेशानी बढ़ी है।


मोबाइल एसेसरीज प्रभावित
व्यापारियों के अनुसार चीन से आयात होने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं से जुड़े व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। चीन के लिए भारत सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है। मोबाइल के ग्लास, डिस्प्ले, पाट्र्स, एसेसरीज समेत कई चीजें चीन से दिल्ली और वहां से सीकर या राजस्थान में आती है। देवीपुरा रोड स्थित होलसेल के व्यापारी मोहित ने बताया कि इस बीमारी के बाद से चीन से मोबाइल के पाट्र्स सहित अन्य चीजें नहीं आ रही हैं। व्यापारियों ने स्टॉक को ज्यादा कीमत में बेचना शुरू कर दिया है। कई पार्टस तो ज्यादा कीमत देने पर भी उपलब्ध नहीं हो रहे हें। व्यापार 50 प्रतिशत से नीचे आ गया है।


बंद हो जाएंगी दुकानें
बजाज रोड स्थित मोबाइल की दुकान के संचालक गोविंद पटेल ने बताया कि चीन से माल आना बंद हो गया है। व्यापारी पुराना स्टॉक दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं। मोबाइल से जुड़े 99 प्रतिशत सामान वहीं से आते हैं। यही हाल एक महीने तक रह गया तो छोटे और मध्यम दर्जे के व्यापारियों को दुकान बंद करनी पड़ जाएगी। जब सामान ही नहीं रहेगा तो बेचेंगे क्या।


और महंगी हो सकती हैं दवाएं
चीन के वुहान में दवाओं से जुड़ी सबसे ज्यादा कंपनियां हैं। इन कंपनियों से कच्चे माल दूसरे देशों में भेजा जाता है। सीकर जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव नेहरा ने बताया कि देश में 80 फीसदी दवाओं का कच्चा माल चीन से आता है। चीन से भारत करीब 57 तरह के मॉलिक्यूल्स मंगाता है। कोरोना वायरस के कारण वुहान में कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप है। इस कारण दवा बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की सप्लाई चीन से रुक गई है। ऐसे में शुगर और ब्लड प्रेशर के लिए दवाओं के दाम बढ़ सकते हैं।


इलेक्ट्रोनिक और ऑटो मोबाइल पर असर
इलेक्ट्रोनिक कारोबारी राजपाल चौधरी ने बताया कि एयर कंडिशनर और फ्रिज के पाटर््स भी चीन से आते हैं। चीन का शहर वुहान ऑटो हब भी है। वहां से पाट्र्स नहीं आने आएंगे तो देश की ऑटो कंपनियों को स्थानीय मार्केट से खरीद करनी होगी। जिससे लागत बढ़ेगी और आम आदमी पर इसका असर पड़ेगा।


उपभोक्ताओं की परेशानी...


केस 01:
शास्त्री नगर इलाके के रामनिवास ने बताया कि चाइना वाले पैन ड्राइव पहले 200 रुपए में मिल रहा था। लेकिन पिछले पांच दिनों से थोक व्यापारियों ने माल नही आने का तर्क देकर रेट बढ़ा दी है। लेकिन चाइना से उत्पाद नहीं आने के कारण यही पैन ड्राइव 270 से 300 रुपए में मिल रहा है।


केस 02:
तापडिय़ा बगीची इलाके में मोबाइल दुकान संचालक गोविन्द शर्मा बताते है कि चाइना के मोबाइल प्रोडेक्ट नहीं आने के कारण कई पाटर््स की रेट बढ़ गई है। उनका कहना है कि मोबाइल के उपर लगने वाले ग्लास सहित 25 से अधिक पाट्र्स में बढ़ोतरी हुई है।