सीकर. देशव्यापाी आंदोलन के तहत सीकर में गुुरुवार को किसानों की सभा, रैली व गिरफ्तारियों से पहले अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और माकपा नेता अमराराम से हमारे पलसाना संवाददाता रणजीत सिंह ने बातचीत की। जिसमें अमराराम ने सीकर किसान आंदोलन की रूप रेखा और आगामी रणनीति के बारे में बताया। साथ ही कहा किसानों की अनदेखी करना केन्द्र की सरकार को आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में भारी पड़ सकता है। पेश है बातचीत के अंश।
सीकर में आज किसानों का यह कार्यक्रम
-सम्पूर्ण कर्जा माफी सहित अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले जिलेभर के किसान जयपुर रोड स्थित कृषि उपज मंडी पहुंच गए हैं।
– सीकर की कृषि मंडी समिति परिसर में सैकड़ों किसानों की मौजूदगी में आम सभा चल रही है।
-सभा के बाद किसान रैली के रूप में सीकर जिला कलक्टे्रट कूच करेंगे। रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
-किसान जिला कलक्टर को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व कर्जा माफी को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन देंगे।
साढ़े तीन लाख किसानों का समर्थन
किसान सभा के महासचिव सागर खाचरिया ने बताया कि किसानों का सम्पूर्ण कर्जा माफ नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इधर, किसान सभा के आंदोलन को माकपा ने भी समर्थन दिया है। जिला सचिव किशन पारीक ने बताया कि जिलेभर के साढ़े तीन लाख से अधिक किसानों ने इस मांग को लेकर किसान सभा को समर्थन दिया है।
सीकर से भाजपा राज में हुए किसान आंदोलन
1. बिजली की दरों को लेकर:
किसान सभा ने बिजली की दर बढ़ोतरी को लेकर विरोध किया। सहायक अभियंता कार्यालयों से लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदेशभर के किसानों ने जयपुर में प्रदर्शन किया।
2. कर्जा माफी को लेकर चक्काजाम:
कर्जा माफी की मांग को लेकर किसानों ने कई चरणों में आंदोलन किया। इसकी शुरूआत भी सीकर की धरती से हुई। किसानों के चक्काजाम आंदोलन के बाद सरकार ने 50 हजार रुपए तक कर्जा माफ किया।
3. भाजपा व कांग्रेस को घेरने की तैयारी:
किसानों के मुद्दों के जरिए किसान सभा व माकपा भाजपा व कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। माकपा किसानों के मुद्दों को लेकर खासतौर पर शेखावाटी में फिर से सियासी जमीन को मजबूत करने में जुटी है। वहीं भाजपा व कांग्रेस के भी अपने-अपने दावे है।
