सीकर. शेखावाटी को राजधानी जयपुर से जोड़ने वाले सीकर जयपुर रेलवे ट्रैक को मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदलने को लेकर चल रहे निर्माण कार्य के तहत पलसाना से रींगस तक दूसरे चरण का काम पूरा होने के बाद शुक्रवार को रेलवे के मुख्य संरक्षा अधिकारी सीआरएस के लिए पलसाना पहुंचे।
मुख्य संरक्षा अधिकारी एस चन्द्रा स्पेशल ट्रेन से पलसाना स्टेशन पहुंचे और वहां पर डीआरएम सौम्या माथुर सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों से निर्माण कार्य को लेकर चर्चा करने के बाद पूजा अर्चना कर ट्रेक का शुभारंभ करने के बाद मोटर ट्रालियों से पलसाना से रींगस ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों कर्मचारियों के लवाजमे के साथ रवाना हुए। मुख्य सुरक्षा अधिकारी निरीक्षण करते हुए शाम 4:00 बजे तक रींगस रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे.
इसके बाद वहां से ट्रेन में बैठ कर ट्रेक का स्पीड ट्रायल करेंगे इस दौरान ट्रेन को 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी ज्यादा रफ्तार से इस ट्रैक पर दौड़ाया जाएगा । बता दें कि सीकर जयपुर मीटरगेज लाइन को ब्राडगेज में बदलने को लेकर नम्बर 2016 में बंद इस ट्रेक पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद सीकर से पलसाना तक पहले चरण में ट्रैक का काम पूरा कर फरवरी में सीआरएस करवा दिया गया था.
अब पलसाना से रींगस तक दूसरे चरण का काम पूरा होने के बाद यहां पर सीआरएस करवाया जा रहा हैं। ऐसे में सीआरएस के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट आने के बाद इस ट्रैक पर फिर से ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है। बताया जा रहा है की सीकर से रींगस और रींगस से फुलेरा होते हुए जयपुर तक ट्रैन चलाई जा सकती है। साथ ही बीकानेर गंगानगर और लुहारू होते हुए दिल्ली तक भी जयपुर से इस ट्रैक पर नई ट्रेने शुरू हो सकती है।