
सीकर. मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध कल्याण अस्पताल में वेतन वितरण को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। इसकी बानगी है कि अस्पताल में ग्रुप-टू श्रेणी के नर्सिंग अधिकारी, चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट सहित अन्य कार्मिकों को जनवरी और फरवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिला है, जबकि राजस्थान मेडिकल एज्यूकेशन सोसाइटी (राजमेस) के अधीन कार्यरत कार्मिकों को भुगतान किया जा चुका है। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन बजट की कमी का हवाला देकर केवल आश्वासन दे रहा है। अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार ग्रुप-टू श्रेणी के कई कार्मिक जनवरी और फरवरी माह से वेतन के इंतजार में हैं। इनमें नर्सिंग अधिकारी, चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन (एलटी), फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जहां राजमेस के अधीन के कार्मिकों को जनवरी और फरवरी माह का वेतन मिल चुका है, वहीं अस्पताल के अन्य कर्मचारियों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
महज आश्वासन दे रहे
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन के अलावा वर्दी भत्ता और लीव सरेंडर का भुगतान भी लंबित है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में मार्च माह तक भुगतान नहीं हुआ तो वर्दी भत्ता और सरेंडर लीव की राशि अटकने की आशंका है। इस संबंध में कर्मचारियों द्वारा कई बार अस्पताल प्रबंधन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहा है। प्रबंधन की ओर से बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
फैक्ट फाइल
वंचित कार्मिकों की संख्या चिकित्सक- 75
सीनियर नर्सिंग ऑफिसर- 58
नर्सिंग ऑफिसर-112
मंत्रालयिक व गैर मंत्रालयिक - 125
टॉपिक एक्सपर्ट
समय पर वेतन मिलना कर्मचारी का हक होता है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के वेतन वितरण में भेदभाव करना पूरी तरह से गलत है। राजमेस और ग्रुप टू के कार्मिक एक जैसा काम करते हैं। कल्याण अस्पताल में दो माह के वेतन, वर्दी भत्ता और सरंडर लीव का भुगतान नहीं होने से ग्रुप टू के कार्मिकों में रोष है। प्रबंधन की ओर से महज आश्वासन दिए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष में भुगतान नहीं होने पर वर्दी भत्ता लैप्स होने का खतरा है।
राजेश बाटड़, अध्यक्ष अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत अध्यक्ष
इनका कहना है
बजट की कमी के कारण भुगतान में देरी हो रही है और प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। बजट मिलते ही लंबित भुगतान कर दिया जाएगा।
डॉ. प्रियंका अमन, अधीक्षक कल्याण अस्पताल
Updated on:
17 Mar 2026 11:39 am
Published on:
17 Mar 2026 11:39 am
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