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शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद अब सरकारी अध्यापकों ने करवाया ट्यूशन तो खैर नहीं !

राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले हर विषय अध्यापक को सत्र शुरू होते ही शपथ पत्र पर यह लिखकर देना होगा कि वे ट्यूशन नहीं करवा रहे।

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education department order to Affidavit for not tuition to student

शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद अगर सरकारी अध्यापकों ने करवाया ट्यूशन तो खेर नहीं

सीकर.

शिक्षा विभाग ने ट्यूशन करवाने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहले केवल निर्देश जारी किए जाते थे, अब उनको कानूनन रूप से ट्यूशन नहीं कराने के लिए बाध्य किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले हर विषय अध्यापक को सत्र शुरू होते ही शपथ पत्र पर यह लिखकर देना होगा कि वे ट्यूशन नहीं करवा रहे। इसके अलावा हर माह लिखित में यह जानकारी देनी होगी। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक नथमल डिडेल ने परिपत्र जारी कर लिखा है कि शिक्षण व्यवस्था में ट्यूशन बड़ी बुराई है। ऐसा प्रयास किया जाए कि ट्यूशन की जरूरत ही नहीं पड़े। उन्होंने ट्यूशन के दो प्रमुख कारण बताए हैं। पहला विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा होना, दूसरा अध्यापकों द्वारा अपने दायित्यों को नहीं समझना।


सीकर के कोचिंग में सरकारी शिक्षक
सीकर शहर के अधिकतर कोचिंग सेंटरों में सरकारी विद्यालयों के विषय अध्यापक, व्याख्याता व कॉलेज व्याख्याता पढ़ा रहे हैं। अनेक ऐसे हैं जो स्कूल से ज्यादा समय कोचिंग सेंटरों को दे रहे हैं। संबंधित संस्था प्रधानों को भी इसकी जानकारी है, लेकिन वे भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे है। सच्चाई तो यह है कि अनेक कोचिंग सेंटरों के तो मालिक ही सरकारी शिक्षक हैं। वहीं अनेक शिक्षक ऐसे भी हैं जो बिना लालच सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त क्लासेज चला रहे हैं।


पहले नोटिस, फिर कार्रवाई
बिना लिखित अनुमति के कोचिंग सेंटरों या घर पर कोचिंग करवाने की शिकायत मिलते ही सबसे पहले शिकायत का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित नियंत्रण अधिकारी इस पर तत्काल प्रसंज्ञान लेंगे। संबंधित अपचारी कार्मिक के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 तथा राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम 1971 के प्रावधान के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कार्रवाई करने में संबंधित अधिकारी/ संस्था प्रधान ने देरी की तो उसके खिलाफ तो कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


इनका कहना है
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक ने ट्यूशन के संबंध में परिपत्र जारी किया है। हर विषय अध्यापक को सत्र की शुरुआत में इस संबंध में संस्था प्रधान को शपथ पत्र देना होगा। जो निर्देश की पालना नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -पवन कुमार, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, सीकर