
मजदूरों का हर कोई शोषण कर रहा, अब नहीं होगा बर्दाश्त
सीकर. मजदूर भवन निर्माण संघ और भारतीय मजदूर संघ के आह्नान पर श्रमिकों ने शहर के रामलीला मैदान में हुंकार भरी। सभा में वक्ताओं ने मजदूरो की 11 सूत्री मांगो को लेकर ताल ठोकी। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री रविन्द्र हिम्मते, प्रदेश महामंत्री हरि मोहन शर्मा, भवन निर्माण संघ के जिलाध्यक्ष रामवतार शर्मा, जिला मंत्री दीनानाथ रूंथला ने कहा कि मजदूरों का शोषण और अनदेखी बर्दाश्त नही होगी। वक्ताओ ने श्रमिक विभाग में पंजीयन सरल करने, पंजिकृत श्रमिको को 1 लाख 55 हजार रुपए भवन निर्माण के लिए देने, छात्रवृत्ति, मृत्यु सहायता, आंगनवाड़ी और आशा सहयोगनियों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा देने, विधवा महिला पेंशन 1 हजार से बढाकर 5 हजार करने, मजदूरो को 60 वर्ष बाद 5 हजार रूपये आजिविका वेतन देने और 5 सालो में शुभ शक्ति योजना का लाभ नही मिलने सहित कई मुद्दे उठाए। सभा के बाद श्रमिकों ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री रविन्द्र हिम्मते ने कहा कि राज्य या देष में किसी भी पार्टी की सरकार हो, मजदूर किसी के बंधा हुआ नहीं है, वह तो रोज अपनी मजदूरी कर के अपना पेट पालता है, सरकारों को उनके उत्थान की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होने कहा मजदूर की कोई जाति, धर्म या पार्टी नहीं होती, मजदूर मजदूर होता है, सरकारों को उनकी ओर ध्यान देना चाहिए और मजदूरों की मांगों को पूरा करना चाहिए।
श्रमिक योजनाओं को बनाए आसान
भारतीय मजदूर संघ सीकर के जिला अध्यक्ष रामवतार शर्मा ने कहा कि अगर आज के समय में कोई शोषित वर्ग है तो वह मजदूर वर्ग है। मजदूर का हर कोई शोषण करता है। मजदूर वर्ग को राज्य सरकार की ओर से भी किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं दी जाती है। शर्मा ने कहा कि श्रम विभाग में पंजीयन की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि एक अनपढ़ मजदूर अपना पंजीयन नहीं करवा पाता और योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाता है। इसके साथ ही श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को 1.55 लाख रुपए भवन निर्माण के लिए देने का प्रावधान है जिसकी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द मांग नहीं मानी तो विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
पांच सालों से नहीं मिला शुभ शक्ति का पैसा
पिछले 5 वर्षों में शुभ शक्ति योजना का लाभ किसी भी मजदूर को नहीं मिला जबकि भौतिक सत्यापन के नाम से मजदूरों को विभाग के बारण्बार चक्कर लगवाए जाते हैं। शिक्षा कौशल विकास योजना छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर नहीं हुआ है। मृत्यु सहायता के अधिकतर आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं। मजदूरों ने मांग की है कि राजस्थान में मजदूरों का आजीविका वेतन एवं 60 वर्ष के बाद कम से कम 5 हजार की पेंशन दी जाए। विधवा महिलाओं के लिए पेंशन एक हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए की जाए, मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। असंगठित क्षेत्र राजस्थान के प्रभारी दीनानाथ रूंथला ने कहा मजदूरों की पीड़ या वेदना को किसी ने नजदीक से देखा है तो वह रामावतार शर्मा है, क्योंकी इन्होने 30 हजार से ज्यादा मजदूरों के पंजीकरण किए है। इस दौरान प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा, जिला मंत्री सुवालाल बराल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री सीवी राजेश, रमाकांत डस्सा आदि ने भी संबोधित किया।
Published on:
05 Oct 2023 11:35 am
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