
सीकर. सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर चना और सरसों की खरीद किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। किसानों को अपनी उपज को बेचने के लिए तय मानदंड कड़े होने के कारण अधिकांश किसान अपनी उपज को नहीं बेच पा रहे हैं। रही सही कसर खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीयन होने से हो गई है। कई ई मित्र पर ऑनलाइन खरीद के लिए पंजीयन नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में किसानों को खरीद केन्द्र और संबंधित सहकारी समितियों के बीच चक्कर लगा रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में सहकारी समितियों की ओर से सात स्थानों पर सरकारी खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। जिन पर दो अप्रेल से खरीद शुरू हुई है। यह खरीद 30 दिन तक चलेगी।
मंडी नहीं कर रही सहयोग
समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद के लिए कृषि उपज मंडी की ओर से सहकारी समितियों का सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसकी बानगी सीकर में देखने को मिल रही है। कृषि उपज मंडी समिति की ओर से बिजली का कनेक्शन नहीं दिए जाने से किसानों को बिल लेने के लिए दस किलोमीटर दूर सहकारी समिति कार्यालय जाना पड़ रहा है। इससे किसानों में मंडी समिति के इंतजामों को लेकर रोष है।
कई खरीद केन्द्र सूने
सरसों व चने की उपज को देखते हुए खरीद केन्द्र नहीं बनाए गए हैं। जिसके कारण कई खरीद केन्द्र सूने हैं वहीं कई खरीद केन्द्रों पर नाममात्र की उपज ही खरीदी जा सकी है। खरीद केन्द्रों पर सरसों 4000 और चना की खरीद 4400 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से की जानी है।
90 दिन तक होगी खरीद
सीकर में बने खरीद केन्द्र पर 187 किसानों से 3949 क्विंटल चना व 90 किसानों से 1694 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। खरीद केन्द्र 30 जून तक शुरू रहेगा। - विनोद रायल, प्रबंधक क्रय विक्रय सहकारी समिति सीकर
Published on:
21 Apr 2018 10:46 am
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