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किसानों को ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर मिलेगी बैंकिंग की सुविधा

प्रदेश में सहकारिता की रीढ़ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब किसानों को बैंकिंग सहित ईमित्र सरीखी सुविधाएं दी जाएगी।

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किसानों को बैंकों के चक्कर लगाने से मिलेगी निजात

किसानों को बैंकों के चक्कर लगाने से मिलेगी निजात

प्रदेश में सहकारिता की रीढ़ ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब किसानों को बैंकिंग सहित ईमित्र सरीखी सुविधाएं दी जाएगी। ऑनलाइन होने से किसानों को बैंक संबंधी काम होने पर नहीं जाना पड़ेगा। कोर बैंकिंग में किसी भी सहकारी समिति का सदस्य किसी भी सहकारी बैंक या समिति से नकद या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकता है। सहकारी समितियों को ऑनलाइन करने के लिए कम्प्यूटर व उपकरणों को भिजवा दिया गया है। पहले चरण में सीकर जिले की 245 और प्रदेश की करीब 5500 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ऑनलाइन करने के लिए केन्द्र स्तर पर कवायद की जा रही है।

यों समझे फायदा

सहकारी समितियों पर फिलहाल फसली लोन देने, जमा करने, खाद-बीज वितरण करने के ही काम हो रहे हैं। इससे समितियों पर होने वाले खर्च की राशि बढ़ रही है। बैंकिंग क्षेत्र में दस्तावेजों की अनिवार्यता लागू होने के कारण किसानों को मजबूरी में ई मित्र सेवा केन्द्रों पर जाकर अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करनी पड़ती है। समितियों को कम्पूटराइज्ड करने के साथ आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ई मित्र सरीखी सुविधाएं देने की योजना है। इससे किसानों को गांव में ही आधार अपडेशन, ऑनलाइन जमाबंदी, पैनकार्ड, किसान सम्मान निधि की इकेवाईसी, पंजीयन व पानी बिजली के बिल जमा करवाने की सुविधा मिलने लगेगी।

इनका कहना है

ग्राम सेवा सहकारी समितियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। पहले चरण में जिले की 245 समितियों तक मशीनरी व उपकरण भेजे जा रहे हैं। ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से जोड़ने की कवायद चल रही है। प्रक्रिया अगले माह तक पूरी होने से किसानों को फायदा होगा।

योगेश शर्मा, एमडी सीकर केन्द्रीय सहकारी बैंक